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क्या कश्मीर में भी सेना करेगी बालाकोट जैसा एयरस्ट्राइक?

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कश्मीर

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक किया। इस बारे में दो दिन पहले पूर्व वायुसेना प्रमुख फाली होमी मेजर ने इस पर अपनी खुल कर राय रखी। ये सब बातें उन्होंने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव-2019 में की। इस दौरान उन्होंने कश्मीर में एयरस्ट्राइक को लेकर बड़ी बात कह दी।कश्मीरउन्होंने कहा अगर भारत पाकिस्तान को उकसाएगा को हम किसी तरह एक्शन लेंगे ये देखना होगा। फिलहाल अभी ऐसा कुछ होता दिख नहीं रहा है। उन्होंने कश्मीर में रोज होते एनकाउंटर को लेकर एक बड़ी बात कही। उन्होंने बोला सिर्फ सरहद पर एयरस्ट्राइक से कुछ नहीं होगा। कश्मीर में भी आतंकवाद के खिलाफ ये एक्शन होना चाहिए।

 

इस वीडियो को जरूर देखें- 10 बजे आने वाले Abhinandan Varthaman की वापसी पर फंसा पेंच! |Wing Commander| Wagha Border

उन्होंने इस पर विस्तार से समझाया कि जब कश्मीर में हम आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं तो कई जवान शहीद होते हैं। जब एनकाउंटर जारी होता है तब गोलीबारी होती है और हमें अंत में घर को उड़ाना ही होता है तो ये काम पहले क्यों नहीं कर सकते।

आगे उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं विमान से हमला किया जाए बल्कि हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

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