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दिल्ली ट्रिपल मर्डर : परिवार का ही व्यक्ति निकला मां-बाप और बेटी का हत्यारा

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राजधानी दिल्ली के किशनगढ़ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक बच्चा अपने ही पिता-मां और बहन की डांट से इस कदर आहत हुआ कि उसने तीनों को मौत के घाट उतार दिया। हत्या का आरोपी सूरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने रात में 3 बजे चाकू से तीनों की हत्या की थी।

इस घटना को अंजाम देने से पहले सबकुछ सामान्य था, सबने मिलकर खाना खाया था। रात को सूरज ने चाकुओं से 30 बार वार कर तीनों की हत्या कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले सूरज ने सिर्फ अपने पिता की हत्या करने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में आजादी की राह में रुकावट बनने वाली मां और बहन को भी मार डाला।

जानकारी के मुताबिक, सूरज दो दिन पहले मेहरौली इलाके से कैंची और चाकू लाया था। हत्या के बाद उसने अपने कपड़े धोये थे। आरोपी ने बताया कि देर से घर आने और दोस्तों को घर लाने पर घरवाले, खास तौर से पिता नाराज़ होते थे। कई बार पिटाई भी कर देते थे. सूरज नशे का आदी था। वह 12 वीं में फेल हो चुका था।

सूरज ने कहानी बनाई कि हत्यारे दो थे। वे वारदात को अंजाम देने के बाद बालकनी से भाग गए। तीनों को बेरहमी से मारा गया था और मौका-ए-वारदात पर खून ही खून बिखरा हुआ था। मगर, बालकनी में कहीं भी खून के निशान नहीं थे। ऐसे में पुलिस को शक हुआ कि यह किसी बाहरी व्यक्ति का काम नहीं।

बाद में पुलिस की पूछताछ में सूरज टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। खौफनाक वारदात के बाद पुलिस का दावा है कि बच्चे ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

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राफेल सौदे पर कांग्रेस ने एक बार फिर किया पीएम मोदी पर तीखा हमला, कह दी ये बड़ी बात!

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नई दिल्ली। राफेल सौदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर एक बार फिर से करारा हमला बोला है।  कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि तथ्यात्मक गलती के लिए पूरी तरह से नरेंद्र मोदी पूरी तरह से जिम्मेदार है।

कांग्रेस ने कहा कि अदालत सौदे में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सही मंच नहीं है और न ही यह फैसला केंद्र की भाजपा नीत सरकार को ‘क्लीन चिट’ है।

कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यहां मीडिया को संबांधित करते हुए कहा कि शुक्रवार का फैसला ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ था, जिसके लिए मोदी नीत केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

सिब्बल ने कहा, “फैसले में तथात्मक गलती है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है, न कि अदालत। अगर आप अदालत को गलत तथ्य देंगे और उस आधार पर अदालत तथ्यात्मक दावे करती है, तो इस मामले में सरकार जिम्मेदार है।”

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि ‘सौदे की कीमत से संबंधित जानकारी कैग के साथ साझा की गई है और कैग की रपट लोक लेखा समिति(पीएसी) द्वारा जांची गई’। सिब्बल ने कहा कि कैग की रपट के किसी भी हिस्से को संसद में पेश नहीं किया गया और न हीं यह सार्वजनिक है।

उन्होंने कहा, “हमें महान्यायवादी को पीएसी में तलब करना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्यों इस प्रकार के दावे अदालत के समक्ष किए गए और क्यों ऐसे हलफनामे पेश किए गए, जो सच्चाई नहीं दर्शाते हैं।”

पूर्व कानून मंत्री ने कहा, “अदालत के समक्ष इस तरह के गलत तथ्य पेश करने के लिए महान्यायवादी जिम्मेदार हैं। यह एक संगीन मुद्दा है और संसद में इसपर चर्चा होनी चाहिए। पीएसी महान्यायवादी को बुलाएंगे।”

इस ओर ध्यान दिलाते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने कीमत के मुद्दे या फिर विमान के तकनीकी पहलुओं पर फैसला नहीं सुनाया, सिब्बल ने मोदी सरकार को फैसले को खुद के लिए क्लीन चिट बताने पर निशाना साधा।

सिब्बल ने भाजपा के प्रमुख नेताओं द्वारा फैसले को मोदी सरकार के लिए क्लीन चिट बताने और कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाने वाले बयानों के संदर्भ में कहा, “यह बचकानी बात है कि सरकार और भाजपा जीत का दावा कर रही है।”

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