Connect with us

ऑफ़बीट

ये है मानसून सीज़न में घूमने लायक भारत की सबसे बेहतरीन जगह … देखिए तस्वीरें

Published

on

अगर अाप तपती गर्मी से परेशान हो गए हैं और अपने शरीर के साथ साथ अपने दिमाग को भी ठंडा करना चाहते हैं, तो बस अपना बैग पैक कर लीजिए और निकल पड़िए मानसून सीज़न में घूमने लायक देश की सबसे बेहतरीन जगह देयोरिया ताल की ओर।

उत्तराखंड के सारी गांव से पास स्थित है देयोरिया ताल। ( फोटो – देवांशु मणि तिवारी )

अगर आप घूमने के शौकीन हैं और मानसून की रिमझिम में पहाड़ों की सुंदरता देखना चाहते हैं, तो आपके लिए उत्तराखंड में देयोरिया ताल घूमने की शानदार जगह है।

मानसून के समय देयोरिया ताल दिखने में लगता है बेहद शानदार। ( फोटो – देवांशु मणि तिवारी )

उत्तराखंड के सारी गाँव से तीन किमी. की ट्रैकिंग के बाद आप पहाड़ों के ऊपरी छोर पर बने देयोरिया ताल पर पहुंच जाएंगे।

यहाँ आप रात भर कैम्पिंग, बोन फायर के बीच गीत-संगीत की महफ़िले जमा सकते हैं। यह मौसम देयोरिया ताल घूमने के लिए बिलकुल सही है।

तालाब का जल इतना पारदर्शी है कि ताल की नीचली सतह के पत्थर भी दिखते हैं बेहद साफ। ( फोटो – देवांशु मणि तिवारी )

इस तालाब से दिखने वाला नज़ारा बहुत ही शानदार होता है। मानसून में यहां से दिखने वाले पहाड़ी गांवों के दृश्य बहुत ही हसीन होते  हैं।

पांडवों ने की थी इस तालाब की खोज। ( फोटो – देवांशु मणि तिवारी )

देयोरिया ताल से जुड़ा पौराणिक इतिहास

देयोरिया ताल के पास स्थानीय गाँव सारी के निवासी उमेंद्र नेगी (36 वर्ष) ने बताया, “ हमारे बुज़ुर्ग यह बताते हैं कि पांडव जब स्वर्ग की खोज के लिए अपने मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे तो उन्होंने बद्रीनाथ पर जल चढ़ाने के लिए इसी तालाब से जल लिया था। बद्रीनाथ के लिए जल लेने के बाद पांडवों ने इस तालाब को देयोरिया ताल पुकारा था।”

ऑफ़बीट

आचार्य स्मृति दिवस 2020 : पद्मश्री सुधा वर्गीज को मिला युग प्रेरक सम्मान, गीतकार मनोज मुंतशिर का हुआ नागरिक अभिनंदन

Published

on

By

रायबरेली। हिन्दी साहित्य के युग पुरुष आचार्य महाबीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में आचार्य महाबीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के संयोजन में आचार्य स्मृति दिवस का आयोजन हुआ। शनिवार को फीरोज गांधी कालेज के सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में ख्यातिप्राप्त विभूतियों का सम्मान और नागरिक अभिनंदन हुआ। विभूतियों ने समारोह आचार्य महाबीर प्रसाद द्विवेदी की साहित्य साधना को अपने संबोधन में रेखांकित किया। विभूतियों और अतिथियों ने आचार्य पथ स्मारिका, कहानी संग्रह आकाश में कोरोना घना है, 40 साल बाद पुन: प्रकाशित की गई पत्रिका सरस्वती का विमोचन भी किया। संचालन आंचल मिश्रा अवस्थी ने किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ पर सभी अतिथियों ने मां सरस्वती और आचार्य के चित्र पर दीप जलाए और पुष्प माला चढ़ाई। अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने समिति की रूपरेखा प्रस्तुत की।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

समारोह में विभूतियों का हुआ अभिनंदन और सम्मान

आचार्य स्मृति दिवस के सम्मान समारोह सत्र में सुप्रसिद्ध विभूतियों का सम्मान एवं नागरिक अभिनंदन किया गया। उनके परिचय के साथ विभूतियों ने अपने विचार भी साझा किए। वर्ष 2019 का सम्मान पत्र सुश्री ऐश्वर्या सिन्हा को दिया गया। एसपी श्लोक कुमार ने सभी विभूतियों को प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र प्रदान किए। विशेष प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र समाजसेवी मुकेश बहादुर सिंह ने प्रदान किए।

 

युग प्रेरक सम्मान से नवाजी गईं पद्मश्री सुधा वर्गीज

समारोह में पटना की प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता साइकिल वाली दीदी के नाम से ख्यातिप्राप्त पद्मश्री से सम्मानित सुधा वर्गीज कोआचार्य महाबीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान से नवाजा गया। डॉ. अमिता खुबेले ने उनका परिचय प्रस्तुत किया। डॉ. प्रज्ञा अवस्थी, डॉ. रुचि सिंह और शालिनी द्विवेदी ने सहयोग प्रदान किया।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

 

सरस्वती के संपादक को डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान

40 वर्ष बाद पुन: प्रकाशित हुई सरस्वती के संपादक प्रोफेसर देवेंद्र शुक्ला एवं सहायक संपादक अनुपम परिहार को डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान नवाजा गया। राजीव भार्गव ने संपादकगणों का परिचय प्रस्तुत किया। सुनील मिश्र, करुणाशंकर मिश्र और राजेश वर्मा ने सहयोग प्रदान किया।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

गीतकार मनोज मुंतशिर का हुआ नागरिक अभिनंदन

फिल्म गीतकार एवं अमेठी के निवासी मनोज मुंतशिर का नागरिक अभिनंदन किया गया। विनय द्विवेदी ने उनका परिचय प्रस्तुत किया। अनुराग त्रिपाठी, नीरज सोनी, विनोद शुक्ला, प्रमोद अवस्थी ने उनका माल्यार्पण किया और अंगवस्त्र भेंट किए।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

प्रेम प्रकाश को मिला प्रभाष जोशी स्मृति पत्रकारिता सम्मान

प्रभाष जोशी स्मृति पत्रकारिता सम्मान जनसत्ता नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार प्रेम प्रकाश को प्रदान किया गया। घनश्याम मिश्र ‘घन्नू’ ने उनका परिचय दिया। पत्रकारिता जगत के स्तंभ प्रभाष जोशी सभी पत्रकारों के लिए अनुकरणीय और आदरणीय हैं। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, उनकी शिक्षाएं और उपलब्धियां हमारे बीच जीवंत हैं।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी

मेधावी अर्चना को मिला शिवानंद मिश्र लाले सम्मान

शिवानंद मिश्र लाले सम्मान यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में जिले की टॉपर बाल विद्या मंदिर गंगागंज की मेधावी छात्रा अर्चना कुमारी को प्रदान किया गया। परिचय में डॉ. चंद्रमणि वाजपेयी ने कहा कि अर्चना ने वरीयता सूची में अपना नाम शामिल कराकर अपने स्कूल, माता पिता तथा जिले का नाम रोशन किया है। मुक्ता भार्गव, डॉ. गीता कुमार और क्षमता मिश्रा ने उत्साहवर्धन किया।

 

 

कोरोना प्रोटोकॉल का हुआ पालन, आमंत्रण पत्र से मिला प्रवेश

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन हुआ। एक-एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग हुई और आमंत्रण पत्र से ही प्रवेश दिया गया।

Continue Reading

Trending