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एक सीएम जो सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं जनिए क्यों ?

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अग्नाशय कैंसर से पीड़ित गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर इस समय अमेरिका के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं और वह संक्रमण के खतरों के कारण सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते हैं।

यह बात सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के आधार पर आरटीआई दाखिलकर्ता ने बताई। शहर के कारोबारी केनेथ सिल्विरा ने आरटीआई के जरिए 28 फरवरी को पर्रिकर द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन प्राप्त किया है। उन्होंने गोवा पुलिस की अपराध शाखा के पास एक शिकायत दर्ज की है जिसमें उन्होंने सरकारी पत्राचार पर पर्रिकर के बदले गोवा के मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव के हस्ताक्षर व टिप्पणी होने का दावा करते हुए इसे अवैध बताया है। उन्होंने मामले की जांच करने की मांग की है।

28 फरवरी का यह ज्ञापन शनिवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया को जारी किया गया जिसमें पर्रिकर ने कहा, मुझे चिकित्सकों ने अभी फाइल छूने से मना किया है क्योंकि इससे संक्रमण होने की संभावना है।

उन्होंने कहा, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और उनकी अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री के सचिव को मेरे फैसले/निर्देश फाइलों/टिप्पणियों पर रिकॉर्ड करने और उनके हस्ताक्षर के साथ आगे के आदेश तक निपटान करने के लिए अधिकृत करता हूं।

सिल्विरा को पिछले महीने मुख्यमंत्री के निधन का संकेत देते हुए एक फेसबुक पोस्ट अपलोड करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सरकरी फाइलों को अग्रसारित करना अवैध है। खासतौर से तब जब मुख्यमंत्री पद संभालने से असमर्थ हैं।

इनपुट आईएएनएस 

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सीएम योगी ने मंत्रियों को बांटे मंत्रालय, खुद के पास रखे 37 विभाग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद गुरुवार देर रात मंत्रियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए। जानकारी के मुतबाकि सीएम योगी के अपने पास पास गृह व राजस्व सहित 37 विभाग रखे हैं।

इस बार मुख्यमंत्री ने विभागों का आवंटन बहुत सोच-समझकर किया है। जय प्रताप सिंह को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि अब तक इस विभाग को संभाल रहे सिद्घार्थनाथ सिंह को खादी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मनोरंजन कर तथा सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के पास माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय रहेंगे।

केंद्र की तर्ज पर जल शक्ति विभाग का गठन किया गया है और यह महत्वपूर्ण विभाग डॉ. महेंद्र सिंह को सौंपा गया है। इसमें सिंचाई समेत जल से संबंधित सभी विभागों को शामिल किया गया है। वहीं, सुरेश राणा का गन्ना विकास विभाग उनके पास ही रखा गया है।

वित्त विभाग सुरेश खन्ना को सौंपा गया है, जबकि उनके नगर विकास को आशुतोष टंडन को दिया गया है। आशुतोष के पिता लालजी टंडन भी इस विभाग के मंत्री रह चुके हैं। सिद्घार्थनाथ सिंह और नंद्गोपाल गुप्ता नंदी के महत्वपूर्ण विभाग ले लिए गए हैं। चेतन चौहान से खेल मंत्रालय लेकर स्वतंत्र प्रभार के उपेंद्र तिवारी को दिया गया है।

इस बार मुख्यमंत्री ने कुछ राज्यमंत्रियों को विभाग न देकर अपने पास रखा है। दोनों उप मुख्यमंत्री के अलावा सूर्य प्रताप शाही, स्वामी प्रसाद मौर्य, सतीश महाना, रमापति शास्त्री और मुकुट बिहारी वर्मा के विभाग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अलावा अनुपमा जायसवाल की जगह सतीश द्विवेदी को बेसिक शिक्षा का दायित्व दिया गया है।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को गोरखपुर दौरे से वापस लौटने के बाद प्रस्तावित विभागों को मंजूरी दे दी। इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभागों को लेकर राज्यपाल से मंत्रणा की थी।

 

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