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अन्तर्राष्ट्रीय

सीरिया जाने से पहले घर में विस्फोटक छोड़ गया था ऑस्ट्रेलियाई किशोर

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मेलबर्न | इराक में आत्मघाती हमले से जुड़ा ऑस्ट्रेलियाई किशोर सीरिया जाने से पहले मेलबर्न स्थित अपने घर में देसी बम छोड़ गया था। एबीसी की रपटों के अनुसार, जेक बिलार्डी के परिवार को यह विस्फोटक मिला और उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

विस्फोटक मिलने के बाद अधिकारियों ने मध्यपूर्व में बिलार्डी की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश की। विदेश मंत्री जूली बिशॉप ने कहा कि वह उन खबरों की पुष्टि नहीं करना चाहतीं, जिसके मुताबिक बिलार्डी ऑस्ट्रेलिया में हमले की योजना में शामिल था। बिशॉप ने कहा कि उन्हें मध्य-पूर्व में कई महीनों तक बिलार्डी के रहने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमें इसकी जानकारी थी कि उसने पिछले साल अगस्त में विदेश का दौरा किया था। सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर अक्टूबर में मैंने उसका ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट रद्द कर दिया था।” इधर, इस्लामिक स्टेट ने बुधवार को एक बयान जारी कर दावा किया है कि इराक के अनबर प्रांत में हुए आत्मघाती हमले में बिलार्डी भी शामिल रहा है।

बगदाद में इराकी सैन्य टुकड़ी पर हमला करने से पूर्व अबु अब्दुल्ला अल-ऑस्ट्राली ऊर्फ बिलार्डी को एक तस्वीर में आत्मघाती के रूप में दिखाया गया है। इसमें देखा गया है किएक चार पहिया वाहन धूल भरी सड़कों से गुजर रहा है। इसी में बिलार्डी की शक्ल सूरत वाला एक लड़का मौजूद है। पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह इराक के रमादी शहर के करीब एक साथ 12 कारों में विस्फोट हुआ। इनमें से सात आत्मघाती हमलावरों ने सुरक्षा से जुड़े सरकारी इमारतों को निशाना बनाया था। घटना में 17 लोगों की मौत हो गई थी और 38 घायल हो गए थे। बिशॉप ने कहा कि सरकार इसकी पुष्टि की कोशिश में है कि बिलार्डी इस हमले में मारा गया है या नहीं।

अन्तर्राष्ट्रीय

भारत में अवसरों की भरमार, पीएम मोदी के नेतृत्व में 10 सालों में देश ने अच्छी प्रगति की : वॉरेन बफे

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नई दिल्ली। बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ वॉरेन बफे भारत की निवेश की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने रविवार को कंपनी की सालाना बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत में अवसरों की भरमार हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने सभी आर्थिक मानदंडों में अच्छी प्रगति की है। अब लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर (अनुमान वित्त वर्ष 2023-24) की जीडीपी के साथ भारत आर्थिक रूप से पांचवां सबसे बड़ा देश है। एक दशक पहले देश 1.9 ट्रिलियन डॉलर (मौजूदा बाजार मूल्य) की जीडीपी के साथ भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस 10 साल की यात्रा में कई रिफॉर्म हुए जिसने देश को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाया है।

रविवार को अपनी कंपनी की वार्षिक बैठक में वॉरेन बफेट ने कहा, भारत में नई संभावनाओं का पता लगाएं। यहां ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जिनको सर्च नहीं किया गया है या यहां मौजूद अवसरों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि भारत में बहुत सारे अवसर हैं। सवाल यह है कि क्या हमें उनके बारे में जानकारी है, जिसमें हम भाग लेना चाहेंगे। बफेट देश में संभावित प्रवेश की तलाश में हैं। भारत की जीडीपी ग्रोथ एक नए शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार है। विनिर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों ने फिर से सुधार देखना शुरू कर दिया है और जीएसटी कलेक्शन नई ऊंचाई हासिल कर रहा है।

आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ महामारी से पहले 2020 के दौरान दर्ज की गई 7 प्रतिशत से ऊपर बढ़ने के संकेत हैं। आईएमएफ के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 2004 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 635 डॉलर थी। 2024 में देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 2,850 डॉलर हो गई है, जो इसके समकक्ष देशों के लिए 6,770 डॉलर का 42 प्रतिशत है। इस महीने की शुरुआत में जारी एचएसबीसी सर्वे के अनुसार, मजबूत मांग के कारण भारत का विनिर्माण सेक्टर अप्रैल में मजबूत गति से बढ़ा। इसके अलावा विश्व चुनौतियों के बावजूद, एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न के साथ देश ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बना हुआ है।

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