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नेशनल

नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना, हार्ट अटैक से निधन

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नई दिल्ली। आज तक के वरिष्ठ पत्रकार और आजतक के ऊर्जावान एंकर रोहित सरदाना का शुक्रवार को हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया। हाल ही में वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे।

गुरुवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के मैट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने दुख जताया है।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र से आने वाले रोहित के नाम बेस्ट एंकर के NT Award और ENBA Award के साथ-साथ हिंदी पत्रकारिता का प्रतिष्ठित गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी है।

नेशनल

सीएम योगी का निर्देश, संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाया जाए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होम आइसोलेट मरीजों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब लोगों को कोरोना महामारी से सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जिससे हेल्थ वर्कर्स या फिर कोरोना वॉरियर्स का मनोबल कमजोर हो। उन्होंने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में जीवनरक्षक संसाधन दोगुने करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। घर के बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी का पालन जरूर करें। हर व्यक्ति जब इन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेगा तो यह कार्य एक-एक अमूल्य जीवन को बचाने में बहुत निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, मेरी सबसे अपील होगी कि आप जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। दूसरों को जागरूक करके कोविड के खिलाफ देश की इस लड़ाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस महामारी के खिलाफ हमें सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जो हेल्थ वर्कर्स का मनोबल तोड़े एवं संक्रमण की चपेट में आ चुके लोगों को हतोत्साहित करे। कोविड-19 एक महामारी है, इसे सामान्य फ्लू मानने की भूल नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीमारी में बचाव सर्वोत्तम उपाय है लेकिन अगर बीमारी हो जाती है, तो इसे छिपाने की नहीं बल्कि तत्काल उसके उपचार की आवश्यकता है। मेरी आप सब लोगों से अपील होगी कि लोगों को जागरूक करें कि बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल टेस्ट करवा कर उसका उपचार शुरू करें। फर्स्ट वेव के समय संक्रमण इतना तीव्र नहीं था। जो L1, L2, L3 हॉस्पिटल बनाए गए थे, उसमें L1 हॉस्पिटल में ही अधिकतर लोग ठीक हो गए थे। ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी ज्यादा नहीं थी। लेकिन दूसरी लहर में तेजी से ऑक्सीजन की मांग उठी।

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