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बंगाल की जनता टीएमसी से पूरी तरह से मुक्ति चाहती है: योगी आदित्यनाथ

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कोलकाता। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह विधान सभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं है। यह चुनाव, बंगाल के प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने के साथ-साथ ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार करने का भी एक अवसर है और इसमें बंगाल के हर तबके के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी, आपकी चिढ़ भाजपा से हो सकती है, हमसे हो सकती है लेकिन प्रभु श्री राम से क्यों? प्रभु श्री राम तो हम सबके आराध्य हैं, भारत के जन-जन की आस्था के केंद्र हैं। श्री राम से टकराने का जिसने भी दुस्साहस किया है उसकी दुर्गति हुई है और बंगाल के अंदर टीएमसी की दुर्गति तय है। मैं, ममता दीदी से यह कहना चाहता हूं कि यदि आप अपना गुस्सा बंगाल में 10 वर्षों से व्याप्त भ्रष्टाचार तथा टीएमसी की गुंडागर्दी पर उतारतीं तो बंगाल का हित भी होता और लोग आपको सम्मान भी देते। लेकिन आपने इस पर ध्यान नहीं दिया, अब बंगाल की जनता टीएमसी से पूरी तरह से मुक्ति चाहती है।

उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा की बात करने पर ममता दीदी नाराज हो जाती हैं। मगर वर्तमान चुनाव ने दीदी को माँ चंडी का पाठ करने पर मजबूर कर दिया है। पश्चिम बंगाल में यदि BJP की सरकार होती तो टूरिज्म में दार्जिलिंग देश और दुनिया में शीर्ष स्थान पर आ गया होता।पश्चिम बंगाल में चाय बागानों के श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। श्रमिकों को न तो ढंग का मानदेय मिलता है और न ही जमीन का पट्टा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में गोरखा समुदाय पर अत्याचार तो हुए ही, साथ ही चाय बागान के श्रमिकों का शोषण भी किया गया। आज इनके सामने अपने जीवन और आजीविका दोनों को बचाने की चुनौती है। भारतीय जनता पार्टी इनके जीवन और जीविका दोनों को बचाने के लिए काम करना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी समस्या को उलझाने में नहीं बल्कि सुलझाने में विश्वास करती है और समस्या सुलझाने की दृष्टि से ही वर्तमान विधान सभा चुनाव में बीजेपी पश्चिम बंगाल की जनता के बीच आई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रति बंगालवासियों का सकारात्मक रुख स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

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कोरोना से लड़ाई में धर्म और अध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा: राजनाथ सिंह

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लखनऊ। देश के रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कोरोना काल में डॉ. समीर त्रिपाठी के रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन के यू-ट्यूब चैनल मेधज एस्ट्रो पर आने पर उनको बधाई दी है। साथ ही उन्होंने इस प्रयास को कोरोना काल में आस्था जगाने वाला और सकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना की लड़ाई में धर्म और आध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा। संक्रमितों को सही करने में भी सस्वर रामायण का पाठ वरदान साबित हो सकता है।

राम नवमीं पर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को लांच किया गया। इस समारोह में वर्चुअल रूप से देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी जुड़े। उन्होंने डॉ. त्रिपाठी की ओर से किये गये प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि समाज के वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में उपयोगी साबित होगा यह प्रयास।

सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को समाज के लिये वर्तमान परिस्थितियों में काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान नकारात्कम सूचनाओं और खबरों से हटाकर सकारात्कता फैलाने के लिये यह प्रयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी ने, न सिर्फ शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी व्यक्ति और समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। व्यग्रता और भय, आज दोनों ही हमारे जीवन के हर क्षण में गहरे व्याप्त हैं। ऐसे मे स्वाभाविक है कि संकटग्रस्त समाज में हम धर्म की उपस्थिति और भूमिका को संज्ञान में लें और उसकी पड़ताल करें।

कोरोना काल में राहत देगा धर्म और आध्यात्म से जुड़े रहना-
द्वारकाशारदापीठाधीश्वर एवं ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज ने कहा कि कोरोना काल का संदेश सांस्कृतिक जड़ों, धर्म और आत्यात्म से जुड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को शास्त्रों, वेदों का पाठ पढ़ने का यह उपयुक्त समय है। इसका भरपूर उपयोग कर लोग स्वयं को महामारी के संकट से तो बचा ही सकते हैं साथ में अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का भी उनके लिये यह सुनहरा समय है।

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