Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

नेशनल

कोरोना वायरस का कहरः रद्द हुई सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा

Published

on

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की बेकाबू रफ्तार को देखते हुए CBSE की 10वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। वहीं 12वीं की परीक्षाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री और मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें ये फैसला लिया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा, “4 मई से 14 जून तक आयोजित होने वाली दसवीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। 10वीं क्लास के छात्रों को आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली क्लास में भेजा जाएगा. अगर कोई छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है तो कोरोना से हालात सामान्य होने पर वह परीक्षा दे सकता है।”

गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस भयानक रफ्तार से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। भारत में हर दिन कोरोना के रिकॉर्ड केस सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1 लाख 85 हजार मामले आए हैं। वहीं अब देश में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। बीते दिन इस वायरस ने 1 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली।

नेशनल

सीएम योगी का निर्देश, संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाया जाए

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होम आइसोलेट मरीजों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब लोगों को कोरोना महामारी से सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जिससे हेल्थ वर्कर्स या फिर कोरोना वॉरियर्स का मनोबल कमजोर हो। उन्होंने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में जीवनरक्षक संसाधन दोगुने करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। घर के बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी का पालन जरूर करें। हर व्यक्ति जब इन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेगा तो यह कार्य एक-एक अमूल्य जीवन को बचाने में बहुत निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, मेरी सबसे अपील होगी कि आप जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। दूसरों को जागरूक करके कोविड के खिलाफ देश की इस लड़ाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस महामारी के खिलाफ हमें सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जो हेल्थ वर्कर्स का मनोबल तोड़े एवं संक्रमण की चपेट में आ चुके लोगों को हतोत्साहित करे। कोविड-19 एक महामारी है, इसे सामान्य फ्लू मानने की भूल नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीमारी में बचाव सर्वोत्तम उपाय है लेकिन अगर बीमारी हो जाती है, तो इसे छिपाने की नहीं बल्कि तत्काल उसके उपचार की आवश्यकता है। मेरी आप सब लोगों से अपील होगी कि लोगों को जागरूक करें कि बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल टेस्ट करवा कर उसका उपचार शुरू करें। फर्स्ट वेव के समय संक्रमण इतना तीव्र नहीं था। जो L1, L2, L3 हॉस्पिटल बनाए गए थे, उसमें L1 हॉस्पिटल में ही अधिकतर लोग ठीक हो गए थे। ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी ज्यादा नहीं थी। लेकिन दूसरी लहर में तेजी से ऑक्सीजन की मांग उठी।

Continue Reading

Trending