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रामलला नए आसन पर हुए विराजमान, सीएम योगी रहे मौजूद

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लखनऊ। श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रथम चरण की शुरूआत हो गयी है। बुधवार को सुबह गर्भगृह से पहली बार रामलला को बाहर निकालकर नए आसन पर विराजित किया गया। इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।

उनके अलावा प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास व ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास और ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट के माध्यम से लिखा, “भव्य राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण आज सम्पन्न हुआ, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम त्रिपाल से नए आसन पर विराजमान।

मानस भवन के पास एक अस्थायी ढांचे में “रामलला” की मूर्ति को स्थानांतरित किया। भव्य मंदिर के निर्माण हेतु 11 लाख का चेक भेंट किया।इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शंखनाद व घंटे-घड़ियाल के बीच भोर में फूल व अक्षत के बीच रामलला की पालकी नए मंदिर के लिए प्रस्थान हुई।

रामलला का नया सिंहासन साढ़े नौ किलो चांदी से बनवाकर अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित कर दिया है। चांदी के सिंहासन पर रामलला विराजमान होंगे। वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला की गरिमा व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध और दर्शनार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है।

रामलला की शिटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर रवाना हो गए। पहले भी यह उम्मीद थी कि रामलला की शिटिंग के समय मुख्यमंत्री मौजूद रह सकते हैं लेकिन, कोरोना की वजह से मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद गोपनीय रखा गया।

इसके लिए सोमवार से अनुष्ठान आरंभ हो चुका था। 10 वैदिक आचार्यों का समूह ने वेद मंत्रों के साथ रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में स्थापित किया। यह वैदिक विद्वान दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के है।

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कोरोना पर काबू पाने के लिए महाराष्ट्र ने मांगी केरल से मदद, की ये अपील

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के मामले देश में बढ़ते चले जा रहे हैं। भारत में अब तक कुल 1 लाख 31 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। इस जानलेवा बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र है।

यहां 44 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस राज्य में मरने वाले लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक इस वायरस से 1517 लोगों की मौत हो चुकी है।

हर दिन तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए अब महाराष्ट्र सरकार ने केरल से मदद मांगी है। महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने में काफी हद तक सफल केरल सरकार से अपील की है कि मुंबई में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अनुभवी डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्स भेजें।

असल में, मुंबई में बनने वाले नए 60 बेड वाले अस्पताल के लिए डॉक्टरों और नर्सों की जरूरत है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने पिछले हफ्ते केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये लंबी बातचीत की। इस दौरान केरल में कोरोना वायरस के मामलों से निपटने के तौर तरीकों और मॉडल पर चर्चा की गई।

बहरहाल, महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के रोज नए रिकॉर्ड टूट रहे हैं। राज्य में रविवार को एक ही दिन में 3 हजार से ज्यादा कोरोना के केस दर्ज किए गए। इसके साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हजार को पार कर गई है।

 

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