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बीजेपी के इस बड़े नेता को मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नेता विनय कटियार को जान से मारने की धमकी मिली है। कटियार के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी है।

भाजपा नेता की शिकायत पर जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। नॉर्थ एवेन्यू पुलिस ने मामला दर्ज धमकी देने वाली तलाश शुरू कर दी है।

कटियार ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात जब वह नॉर्थ एवेन्यू स्थित अपने सरकारी फ्लैट पर थे तो किसी अज्ञात शख्स ने मोबाइल पर फोन कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

शख्स ने फोन कर पहले उनका नाम पूछा फिर गाली गलौज शुरू कर दी। उसने धमकी दी कि तुम खुद को कब तक बचाओगे, मैं कुछ दिनों में तुम्हें मार दूंगा। उन्होंने जब आरोपी से पूछा कि वह कहां से बोल रहा है तो उसने जंतर मंतर बताया। इसके कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा।

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दिल्लीः शाहीन बाग में तिरंगा फहराकर मनाया गया गणतंत्र दिवस

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नई दिल्ली। आज के दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, “सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्द!”

इस बीच गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में भी तिरंगा फहराया गया है। यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे इलाके को तिरंगे के रंग से सजाया गया। बता दें कि धरने पर बैठे लोग लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। लोग सीएए कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

एक तरफ जहां शाहीन बाग में लगातार सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार इस कानून को लेकर सख्त है। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि वह इस कानून को वापस नहीं लेंगे, जिसे विरोध करना है करे।

गौरतलब है कि शाहीन बाग में 15 दिसंबर से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं। ये महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का लगातार विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि ये कानून उनके साथ भेदभाव करता है। वे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रही हैं। हालांकि, अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।

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