Connect with us

आध्यात्म

दिवाली के दिन पूजा का है ये है सबसे शुभ मुहूर्त

Published

on

नई दिल्ली। आज यानी रविवार को पूरा देश दिवाली का त्योहार धूमधाम से मना रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या को महानिशा काल में और स्थिर लग्न में महादेवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। इससे माता लक्ष्मी की कृपा पूरे साल भक्तों पर बनी रहती है। उन्हें धन की कभी कमी नहीं रहती है।

– अपने घर की उत्तर या पूर्व दिशा को (पूजास्थल) को साफ करके स्थिर लग्न में एक लकड़ी के पटरी पर सवा मीटर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश देवी लक्ष्मी और कुबेर आदि देवताओं की स्थापना करें

–  सभी देवी देवताओं को रोली मोली चावल धूप दीप सफेद मिष्ठान्न अर्पण करें और भगवान गणेश को 27 हरी दूर्वा की पत्तियां और देवी लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करें

– स्थिर लग्न में स्वयं आप लाल आसन पर बैठकर अपने दाएं हाथ में जल लेकर देवी लक्ष्मी से अपने घर में चिर स्थाई रूप से रहने की प्रार्थना करें

– ॐ गं गणपतये नमः और ॐ ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः और ॐ कुबेराय नमः मन्त्र का कमलगट्टे की माला से 108 बार जाप करें

– जाप के बाद भगवान गणपति देवी लक्ष्मी और सभी देवी देवताओं को सफेद मिठाई और फल और साबूदाने की खीर का भोग लगाएं  और परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ले

पूजा का समय

व्यापारी वर्ग पूजा का समय दोपहर 2:17 से 3:41 तक

शाम की पूजा का समय 6:45 से 8:36 तक

महानिशाकाल रात 1:14 से 3:27 तक

आध्यात्म

उर्दू भाषा में कलाकारों ने किया मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला का मंचन

Published

on

दास्तान-ए-राम के नाम से लखनऊ की सरजमीं पर शाम-ए-अवध कार्यक्रम के दौरान गोमतीनगर के संगीत नाटक अकादमी में श्रीरामचरित मानस पर आधारित  श्रीरामलीला की कहानी का मंचन किया गया। अवधी और हिन्दी भाषा में ही नहीं बल्कि उर्दू भाषा में भी कलाकारों ने मंचन कर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीला का विशेष दर्शन कराया।

श्रीराम के जन्म से वन गमन व रावण वध के बाद विभीषण को लंकापति बनाने, जब श्रीराम वापस अयोध्या आए जैसे विषयों का मंचन देखकर लगा कि आज ही दीपावली का दीपोत्सव है।

दर्शकों ने किरदारों के हुनर को देखकर दांतो तले अंगुलियां दबा ली। खूब तालियां बजाकर जमकर तारीफ की गई। दास्तान-ए-राम के मंचन में मधुर शेरो-शायरी के साथ भरतनाट्यम कथक के घुंघरू खूब बजे।

वहीं लंकेश रावण की विराट सेना में नागालैंड की संस्कृति की झलक दिखाई दी। इसी मंच पर प्रोड्यूसर तारिक खान ने श्रीराम की महिमा को बखूबी कलाकारों ने निभाया व 40 से अधिक हिंदू-मुसलमान कलाकारों ने इस लीला का मंचन किया।

मुस्तजब मलिक के निर्देशन में संदीप करतार सिंह ने श्रीराम की और श्री लक्ष्मण की भूमिका मो. अहमद ने अदा की है। मां सीता का किरदार सानपा रहमान ने, भरत के रुप में मोहम्मद अदीब व शत्रुघ्न की भूमिका नजीब ने निभाई है। वहीं लंकापति रावण सुशील हैं।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending