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नहीं खत्म हुई उम्मीद, इसरो के पूर्व वैज्ञानिक बोले-ऑर्बिटर के साथ अभी भी संपर्क में है विक्रम लैंडर

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नई दिल्ली। चंद्रमा पर लैंडिंग से महज कुछ सेकेंड पहले चंद्रयान-2 अपना रास्ता भटक गया और इसरो केंद्र से विक्रम लैंडर का संपर्क टूट गया। इस बीच इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डी ससीकुमार का बड़ा बयान सामने आया है।

सीसीकुमार ने संभावना जताई है कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क क्रैश लैंडिंग के कारण नहीं टूटा होगा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, ये क्रैश लैंडिंग नहीं थी क्योंकि लैंडर और ऑर्बिटर के बीच का संपर्क चैनल अब भी चालू है।”

ससीकुमार ने आगे कहा कि जो संपर्क डाटा खो गया है उसका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है। बता दें कि चंद्रयान शुक्रवार देर रात लैंडिंग से महज 2 किलोमीटर पहले कहीं खो गया।

हालांकि वैज्ञानिकों की उम्मीद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसरो की ओर से भेजा गया ऑर्बिटर अभी भी चंद्रमा का चक्कर लगा रहा है। अब सारी जिम्मेदारी ऑर्बिटर के ऊपर है। ऑर्बिटर इस समय चांद से करीब 100 किलोमीटर ऊंची कक्षा में चक्कर लगा रहा है।

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भारत के सख्त रुख के आगे झुका चीन, गलवान से 2 किमी पीछे हटे सैनिक

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नई दिल्ली| लद्दाख के गलवान में भारत के आक्रामक रुख के बाद आखिरकार चीन ने अपने कदम पीछे हटा लिए हैं। एलएसी पर भारत के अडिग रुख को देखते हुए गलवान से चीन के सैनिकों ने पीछे हटना शुरू कर दिया है जिसका मतलब है गलवान में भारत की बड़ी जीत हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को हुई हिंसा वाली जगह से 2 किलोमीटर पीछे हट गए हैं। गलवान से चीन के सैनिकों ने अपने टेंट हटा लिए हैं। इसके अलावा बख्तरबंद गाड़ियां वापस जा रही हैं। हालांकि भारत अभी चीन के सैनिकों के वापस जाने के मामले पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

15 जून की घटना के बाद चाइनीज पीपल्स लिब्रेशन आर्मी के सैनिक उस स्थान से इधर आ गए थे जो भारत के मुताबिक एलएसी है। भारत ने भी अपनी मौजूदगी को उसी अनुपात में बढ़ाते हुए बंकर और अस्थायी ढांजे तैयार कर लिए थे। दोनों सेनाएं आंखों में आंखें डाले खड़ी थीं।

कमांडर स्तर की बातचीत में 30 जून को बनी सहमति के मुताबिक चीनी सैनिक पीछे हटे या नहीं, इसको लेकर रविवार को एक सर्वे किया गया। अधिकारी ने बताया, ”चीनी सैनिक हिंसक झड़प वाले स्थान से दो किमी पीछे हट गए हैं। अस्थायी ढांचे दोनों पक्ष हटा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बदलवा को जांचने के लिए फिजिकल वेरीफिकेशन भी किया गया है।

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