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पुलिस से बचने के लिए दुष्कर्म का आरोपी बना भिखारी, स्टेशन पर मांगता था भीख

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नई दिल्ली। इलाज के लिए पेरोल लेकर फरार एक बदमाश को दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए वह पुरानी दिल्ली स्टेशन पर भिखारी भेष में रह रहा था।

गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम कन्हैया है। वो संजय कॉलोनी, ओखला फेज-2 का रहने वाला है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, ओखला थानाध्यक्ष संदीप घई की देखरेख में ओखला चौकी प्रभारी दीपक पंवार ने कन्हैया (36) को गिरफ्तार किया है।

उसके खिलाफ डकैती, दुष्कर्म, आर्म्स एक्ट आदि के 21 मुकदमे हैं। वर्ष 2014 में दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने उसे 7 वर्ष की सजा सुनाई थी। वह मंडोली जेल में था।

कोर्ट ने किडनी के ऑपरेशन के लिए उसे 6 सप्ताह की पेरोल दी थी। वह इसी साल 26 मार्च को जेल से बाहर आया। उसे 6 मई तक वापस जेल जाना था। कन्हैया पेरोल जंप कर गया। कोर्ट ने उसके गैरजमानती वारंट जारी कर दिए।

मंडोली जेल ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम रख दिया। वह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भिखारी बनकर रह रहा था। वह संजय कॉलोनी में स्थित अपना मकान बेचकर दिल्ली से भागने की फिराक में था।

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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