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सुब्रमण्यम स्वामी ने दिया अयोध्या मामले पर बड़ा बयान, कहा-सरकार के पास ब्रह्मास्त्र है

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में 6 अगस्त से अयोध्या जमीन विवाद मामले पर लगातार सुनवाई चल रही है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने राम मंदिर पर बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने राम मंदिर के मामले पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाए, लेकिन सरकार के पास संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत राष्ट्रीयकरण का ब्रह्मास्त्र है।

अनुच्छेद 300-ए  के तहत केस में जीतने वाले को जमीन नहीं, मुआवजा देने का अधिकार है। अयोध्या की कुल 67.703 एकड़ जमीन में से सुप्रीम कोर्ट में केवल 0.313 एकड़ क्षेत्र ही विवादित है।

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में मध्यस्थता पैनल के विफल रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर नियमित सुनवाई कर रहा है। 6 अगस्त से शुरू हुई रोजाना सुनवाई का आज तीसरा दिन है।

पहले और दूसरे दिन की सुनवाई में निर्मोही अखाड़ा ने अपना पक्ष रखा था जबकि बुधवार शाम से राम लला के वकील अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश कर रहे हैं।

सर्वोच्च अदालत में निर्मोही अखाड़ा ने अपनी बात रखी और बुधवार शाम को रामलला के वकीलों ने दलील रखना शुरू की थी. मामले की सुनवाई के दौरान जजों ने वकीलों ने तीखे सवाल पूछे जो चर्चा का विषय रहे.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की 2.77 एकड़ भूमि विवाद से संबंधित मामले में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं। ये सभी अपीलें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बांटने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मई, 2011 को स्टे का ऑर्डर दिया था।

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जस्टिस बोबडे हो सकते हैं अगले मुख्य न्यायाधीश, सीजेआई ने पत्र लिखकर की सिफारिश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं ऐसे में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जस्टिस रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उनके बाद जस्टिस एसए बोबडे को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने का सिफारिश की है।

यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों से सामने आई है। प्रक्रिया के अनुसार, वर्तमान सीजेआई ही अगले सीजेआई की सिफारिश करता है। आपको बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई के बाद जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट में दूसरे वरिष्ठतम जज हैं।

अगर उनके नाम पर सहमति बन गई तो जस्टिस बोबडे 18 नवंबर को सीजेआई के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। वे देश के 47वें मुख्य न्यायाधिश होंगे।

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