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केरल के गुरूवायूर मंदिर में पीएम मोदी ने की विशेष पूजा, 112 किलो कमल से तौले गए

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नई दिल्ली। दोबारा सत्ता में लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपनी यात्रा की शुरूआत केरल से करेंगे। शनिवार की सुबह पीएम मोदी विशेष विमान से केरल के त्रिसूर पहुंचे जहां उन्होंने गुरूवायूर मंदिर में विशेष पूजा की।

इस दौरान उन्हें कमल के फूलों से तौला गया। पीएम मोदी को तौलने में 112 किलो कमल के फूल का इस्तेमाल किया गया। पूजा के बाद पीएम  स्थानीय कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

आपको बता दें कि गुरुवायूर मंदिर 5000 साल पुराना है और 1638 में इसके कुछ भाग का पुनर्निमाण किया गया था। इस मंदिर में केवल हिंदू ही पूजा कर सकते हैं। दूसरे धर्मों के लोगों के अंदर प्रवेश पर रोक है।

ये दूसरा मौका है जब पीएम मोदी ने इस मंदिर में पूजा की है। इससे पहले साल 2008 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इस मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

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प्रवासी कामगारों को घर भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की- सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की वजह से प्रवासी कामगार अपने राज्य लौट रहे हैं। अपने घर वापस लौटने के दौरान उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। जस्टिस अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एमआर शाह ने केन्द्र, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजते हुए 28 मई तक जवाब देने के लिए कहा था। कोर्ट ने पूछा था कि उनकी स्थिति में सुधार के लिए आखिर क्या कदम उठाए गए हैं।

गुरूवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उच्चतम न्यायलय ने सुनवाई के दौरान कहा कि ‘पैदल चल रहे मजदूरों को जल्द आश्रय स्थल पर ले जाएं और उन्हें सारी सुविधाएं दें।’

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें इस बात की चिंता है कि प्रवासी मजदूरों को घर वापस जाने के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हमने नोटिस किया है कि रजिस्ट्रेशन की प्रकिया, ट्रांसपोटेशन के साथ-साथ उनके खाने-पीने के इंतजाम में काफी खामियां हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।

सुनवाई के दौरान केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि अभी तक 91 लाख प्रवासियों को उनके घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80 प्रतिशत के करीब बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं।

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