Connect with us

खेल-कूद

बेहद कम पढ़े-लिखें हैं विराट कोहली, इस सब्जेक्ट का नाम सुनकर ही आ जाता था पसीना!

Published

on

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली आज अपना 30वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने दस साल के करियर में विराट इतने आगे निकल गए हैं कि उनके रिकार्ड्स को तोड़ना लगभग नामुमकिन सा लगता है।

आज विराट के जन्मदिन के मौके पर हम आपको ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो आपने शायद पहले कभी नहीं सुनी होगी। आज हम आपको बताएंगे कि मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों को डराने वाले विराट किससे डरा करते थे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि मैदान पर रिकॉर्ड्स के अंबार लगाने वाले विराट कोहली ने केवल 12वीं तक की ही पढ़ाई की है। क्रिकेट के प्रति दीवानगी के चलते उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।

विराट ने दिल्ली की ‘विशाल भारती पब्लिक स्कूल’ से पढ़ाई की है। स्कूल की वेबसाइट में भी एल्युमनाई में कोहली का जिक्र है और उनकी तस्वीरें भी लगा रखी है।

दिल्ली के जानेमाने स्कूल में से एक इस स्कूल को कई अवार्ड मिल चुके हैं। विराट का फेवरेट सब्जेक्ट हिस्ट्री था। विराट हमेशा से ही अतीत की बातें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे।

मैथ्स एक ऐसा सब्जेक्ट था जिसके बारे में सुनकर विराट के पसीने छूट जाते थे। कहा जाता है कि एक बार विराट को मैथ्स में 100 में केवल 3 ही मार्क्स मिले थे।

विराट कोहली की ही कप्तानी में भारतीय टीम ने 2008 का अंडर-19 वर्ल्ड कप जीती थी। यह टूर्नामेंट मलेशिया में खेला गया था।

इस शानदार प्रदर्शन के दम पर कोहली ने टीम इंडिया के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मैच 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था।

 

खेल-कूद

भारत को दो सिल्वर पदक जिताने वाली खिलाड़ी का खुलासा, गांव की लड़की से हैं समलैंगिक रिश्ते

Published

on

नई दिल्ली। एशियाई खेलों में भारत का नाम रोशन करने वाली एथलीट दुती चंद ने सनसनीखेज खुलासा किया है। दुती के मुताबिक गांव की एक लड़की से उनके समलैंगिक रिश्ते हैं।

दुती एशियाई खेलों में भारत को दो रजत पदक जिता चुकी हैं। उन्होंने अपने समलैंगिक रिश्तों को कबूल करते हुए कहा, ‘मुझे कोई ऐसा मिल गया है जो मुझे जान से भी प्यारा है। मुझे लगता है कि हर किसी को रिश्तों की आजादी होनी चाहिए कि वह किसके साथ रहना चाहता है।’

दुती चंद ने कहा, ‘मैंने हमेशा उन लोगों के अधिकारों की पैरवी की है जो समलैंगिक रिश्तों में रहना चाहते हैं। यह किसी व्यक्ति विशेष की अपनी इच्छा है। फिलहाल मेरा फोकस वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम पर है, लेकिन भविष्य में मैं उसके साथ सेटल होना चाहूंगीं।’

दुती चंद ने कहा, ‘मैंने एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए उस वक्त हिम्मत जुटाई, जब पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आईपीसी के सेक्शन 377 को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया था। मेरा सपना था कि मुझे कोई ऐसा मिले जो मेरे पूरे जीवन का साथी बने। मैं किसी ऐसे के साथ रहना चाहती थी, जो मुझे बतौर खिलाड़ी प्रेरित करे।’

दुती चंद ने कहा, ‘मैं बीते 10 साल से धावक हूं और अगले 5 से 7 साल तक दौड़ती रहूंगी। मैं प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पूरी दुनिया घूमती हूं, यह आसान नहीं है। मुझे किसी का सहारा भी चाहिए।’

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending