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NIA ने किया बड़ा खुलासा, हरियाणा के मस्जिद में लगा लश्कर-ए-तैयबा का पैसा

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हरियाणा के एक गांव में स्थित एक मस्जिद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की जांच के घेरे में आ गई है। एनआईए की जांच में बड़ा खुलासा हुआ हैं। बताया जा रहा हैं कि इस मस्जिद के निर्माण के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने फंड जारी किया था। यह मस्जिद पलवल जिले के उत्तावर गांव में है। जिसका नाम खुलाफा-ए-रशीदीन है।

इस टीम ने सलमान नाम के एक युवक और उसके दो साथियों के साथ दिल्ली से गिरफ्तार किया है। सलमान को मस्जिद का संचालक बताया जा रहा है। उटावड़ की इस मस्जिद के निर्माण में आतंकी हाफिज सईद की ओर से फंडिंग की भी खबर है।

खबर के मुताबिक, यहां के निवासियों ने बताया कि मस्जिद जिस जमीन पर बनी है, वह विवादित है लेकिन उन्हें सलमान के लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से लिंक की जानकारी नहीं थी। एनआईए मस्जिद के पदाधिकारियों से पूछताछ कर रही है और दान-दस्तावेजों के विवरण जब्त कर लिए गए हैं।

इस छापे में एक करोड़ 56 रुपये नकद, 43 हजार रुपये की नेपाली मुद्रा, 14 मोबाइल फोन और पांच पेन ड्राइव बरामद हुए थे। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘बरामद मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद आतंकी फंडिंग से आए धन को मस्जिद और मदरसों में लगाने का खुलासा हुआ।’

एनआईए की रिपोर्ट को गांव के प्रधान ने नकारा है। उन्होंने कहा, ‘यह जमीन कानूनी तरीके से ली गई है और कई गांव के लोगों ने मिलकर इस मस्जिद को बनवाने के लिए फंड दिया था।

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मोदी सरकार के फैसले पर भड़के बीजेपी सांसद, बोले-कोर्ट जाऊंगा

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नई दिल्ली। एअर इंडिया को बेचने की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को प्रारंभिक जानकारी वाला मेमोरंडम जारी करने के बाद स्वामी सरकार के खिलाफ खड़े हो गए।

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट के जरिए फैसले का विरोध करते हुए कहा कि यह सौदा पूरी तरह से देश विरोधी है और मुझे कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हम परिवार की बेशकीमती चीज को नहीं बेच सकते।

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एअर इंडिया को बेचने के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है।

इससे पहले भी वह सरकार की इस पहल पर सवाल खड़े कर चुके हैं। माना जा रहा है कि केंद्र के इस फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी अड़चन पैदा हो सकती है।

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