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अगर आपको हैं डायबिटीज तो हो जाइए सावधान, नहीं तो हो सकता है कैंसर

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डायबिटीज ऐसी बीमारी हैं जिसमें इंसान को कोताही नहीं बरतनी चाहिए। लेकिन अगर आप कोताही कर रहे तो सावधान हो जाइए। एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ हैं कि डायबिटीज से कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है और कैंसर होने पर बचने की संभावना भी कम हो जाती है।

बता दें कि नेशनल डायबिटीज रजिस्टर (एनडीआर) के शोधकर्ताओं के अनुसार, 20 प्रतिशत डायबिटीज के मरीजों को सबसे ज्यादा आंतों का कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) का खतरा सबसे ज्यादा हैं। वहीं 5 प्रतिशत मरीजों में स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) होने का खतरा अधिक होता है। जबकि, जिन्हें डायबिटीज नहीं थी, उनमें इस तरह के कैंसर के मामले कम देखे गए। ब्रेस्ट कैंसर के मामले में मौत की आशंका 25 से 29 फीसदी तक होती है।

दुनियाभर में करीब 41.5 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। हर 11 में से एक व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। वर्ष 2040 तक इस संख्या के बढ़कर 64.2 करोड़ होने की संभावना है।

शोधकर्ता का कहना हैं कि ‘हमारा अध्ययन यह नहीं कहता कि जिस भी व्यक्ति को डायबिटीज है उसे बाद में कैंसर हो जाएगा।’ हालांकि पिछले 30 साल में टाइप 2 डायबीटीज से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ी है तो हमारा अध्ययन डायबिटीज से देखभाल के महत्व पर जोर देता है।’

इस मामले में ताजा रिसर्च कहती है कि 1998 से 2014 के बीच टाइप-2 डायबिटीज के 4 लाख 57 हजार से ज्यादा मरीजों की मौत कैंसर की वजह से हुई। इससे पता चला कि डायबिटीज के मरीजों को 12 में से 11 किस्म के कैंसर होते देखे गए। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों में डायबिटीज है, उनमें 231 फीसदी लिवर कैंसर होने की आशंका होती है।

इसके अलावा 119 फीसदी पैंक्रियाज कैंसर, 78 फीसदी गर्भाशय का कैंसर, 56 फीसदी लिंग का कैंसर, 45 फीसदी किडनी का कैंसर, 32 फीसदी पित्ताशय का कैंसर, 21 फीसदी पेट का कैंसर और 20 फीसदी पेशाब की थैली का कैंसर होने की आशंका भी पाई गई। रिसर्च से पता चला कि डायबिटीज के मरीजों को स्वस्थ लोगों के मुकाबले 18 फीसदी कम प्रोस्टेट कैंसर होता है। हालांकि तमाम रिसर्च में इस बात का पता नहीं चला कि डायबिटीज का कैंसर होने से किस तरह रिश्ता है।

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पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, इस मामले में ट्रंप को भी छोड़ा पीछे!

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नई दिल्ली। पीएम मोदी जितना ज्यादा राजनीति में सक्रिय हैं उतना ही सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी फॉलोवर्स की संख्या करोड़ो में है। इस बीच पीएम मोदी ने ऐसा कीर्तिमान बना लिया है कि सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

पीएम मोदी सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर 15.5 मिलियन फॉलोअर्स के साथ विश्व के सबसे फेमस नेता बन गए हैं। ऑनलाइन प्लेटफार्म ट्विप्लोमेसी द्वारा जारी सूची के मुताबिक, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो 1 करोड़ 20 लाख फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर तथा एक करोड़ फॉलोअर्स के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीसरे पायदान पर हैं।

इसके बाद नंबर आता है पोप फ्रांसिस का जो चौथे स्थान पर हैं। पांचवें नंबर जार्डन की महारानी क्वीन रनिया हैं। मूलरूम से कुवैत में जन्मी रनिया एक आम लड़की थी वे बाद वह महारानी बन गई। वह 48 की उम्र में युवा लड़की जैसी दिखती हैं।

टिप्लोमेसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले एक साल में उनके फॉलोवर की ग्रोथ रेट 52 प्रतिशत रही, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के फॉलोवरों की संख्या में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर, 2014 को इंस्ट्राग्राम पर आए थे। उन्होंने पहली पोस्ट के तौर पर एशियन समिट की तस्वीर साझा की थी। प्रधानमंत्री ने अभी तक इंस्ट्राग्राम पर 237 पोस्ट की हैं।

बता दें इसी साल (जुलाई महीने) एक ग्लोबल स्टडी में ये जानकारी सामने आई थी जिसमें अपने निजी ट्विटर खाते पर 4.2 करोड़ फॉलोअर्स के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (5.2 करोड़) और पोप फ्रांसिस (4.7 करोड़) से पीछे हैं, लेकिन माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर प्रभाव के मामले में वे दूसरे सबसे महत्वपूर्ण विश्व नेता हैं। बता दें, नरेंद्र मोदी के वर्तमान में ट्विटर पर 44.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं।

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