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देशभर में पिछले 24 घंटों में आए कोरोना के 2,95,041 नए केस, 2023 की मौत

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नई दिल्ली। देशभर में कोरोना के मामले रोज़ नया रिकार्ड बना रहे हैं। हालात ये हैं कि लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। कोई ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ दे रहा है तो कोई अस्पताल की चौखट पर ही दम तोड़ दे रहा है। इस बीच कोरोना के नए मामलों ने लोगों की टेंशन और बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आज सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 2,95,041 नए केस सामने आए हैं, नए केसों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,56,16,130 हो गई है तो वहीं 24 घंटे के अंदर कोरोना 2,023 लोगों ने दम तोड़ा है, जिसके बाद मौत का आंकड़ा 1,82,553 पहुंच गया है। भारत में अब एक्टिव केस 21,57,538 हैं, जबकि 1,32,76,039 लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं।

वहीं देश में अब तक 13,01,19,310 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। देश में 16 जनवरी से कोरोना का टीका लगाए जाने के अभियान की शुरुआत हुई थी। 20 अप्रैल तक देशभर में 13 करोड़ 1 लाख 19 हजार 310 कोरोना डोज दिए जा चुके हैं। बीते दिन करीब 30 लाख टीके लगे।

 

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सीएम योगी का निर्देश, संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाया जाए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होम आइसोलेट मरीजों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब लोगों को कोरोना महामारी से सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जिससे हेल्थ वर्कर्स या फिर कोरोना वॉरियर्स का मनोबल कमजोर हो। उन्होंने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में जीवनरक्षक संसाधन दोगुने करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। घर के बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी का पालन जरूर करें। हर व्यक्ति जब इन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेगा तो यह कार्य एक-एक अमूल्य जीवन को बचाने में बहुत निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, मेरी सबसे अपील होगी कि आप जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। दूसरों को जागरूक करके कोविड के खिलाफ देश की इस लड़ाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस महामारी के खिलाफ हमें सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जो हेल्थ वर्कर्स का मनोबल तोड़े एवं संक्रमण की चपेट में आ चुके लोगों को हतोत्साहित करे। कोविड-19 एक महामारी है, इसे सामान्य फ्लू मानने की भूल नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीमारी में बचाव सर्वोत्तम उपाय है लेकिन अगर बीमारी हो जाती है, तो इसे छिपाने की नहीं बल्कि तत्काल उसके उपचार की आवश्यकता है। मेरी आप सब लोगों से अपील होगी कि लोगों को जागरूक करें कि बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल टेस्ट करवा कर उसका उपचार शुरू करें। फर्स्ट वेव के समय संक्रमण इतना तीव्र नहीं था। जो L1, L2, L3 हॉस्पिटल बनाए गए थे, उसमें L1 हॉस्पिटल में ही अधिकतर लोग ठीक हो गए थे। ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी ज्यादा नहीं थी। लेकिन दूसरी लहर में तेजी से ऑक्सीजन की मांग उठी।

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