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आध्यात्म

द्वारका आने से ‘महाभारत’ तक कैसा श्रीकृष्ण का जीवन, जानिए पूरी कहानी

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मथुरा। वर्तमान द्वारका नगर कुशस्थली के रूप में पहले से ही विद्यमान थी। कृष्ण ने इसी उजाड़ हो चुकी नगरी को फिर से बसाया था। कृष्ण अपने 18 नए कुल-बंधुओं के साथ गुजरात के तट पर बसी कुशस्थली आकर बस गए।

अपनी नगरी का किलाबंद कर दिया-

यहीं पर उन्होंने भव्य नए द्वारका नगर का निर्माण कराया और संपूर्ण नगर को चारों ओर से मजबूत दीवार से किलाबंद कर दिया।

द्वारिका पर श्रीकृष्ण ने 36 वर्ष किया राज-

भगवान कृष्ण ने यहां 36 वर्ष तक राज किया। यहां वे अपनी 8 पत्नियों के साथ सुखपूर्वक रहते थे।

द्वारिका से किया महाभारत का संचालन-

यहीं रहकर वे हस्तिनापुर की राजनीति में शामिल रहे। यहीं से उन्होंने संपूर्ण महाभारत का संचालन भी किया।

अपने वंशजों को आपस में लड़ता देख हुए दुखी-

भगवान कृष्ण यदुओं को आपस में लड़ता देख व अपने कुल का नाश देखकर बहुत दुखी हुए। उनसे मिलने कभी-कभार युधिष्ठिर आते थे।

(रिपोर्ट : द्वारकेश बर्मन)

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VIDEO : Corona के असर को कम करेगा 05 july को पड़ने वाला Chandra Grahan

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मौजूदा समय में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जुझ रही है। लोग इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर कब उन्हें कोरोना से निजात मिल पाएगी। कोरोना के प्रभाव पर 05 जुलाई को होने वाला चंद्र गहण कितना असर डाल पाएगा, ये बताया हमारे ज्योतिषाचार्य प्रेम शंकर त्रिपाठी ने।

साथ ही ग्रहण काल को अशुभ समय भी माना जाता है। कहते हैं कि चंद्र ग्रहण के दौरान कोई भी बड़ा काम नहीं करना चाहिए साथ ही इस वक्त कुछ सावधानियां भी बरतनी पड़ती हैं। ऐसे में लोग को चंद्र ग्रहण के दौरान क्या बाते ध्यान में रखनी है ये बता हैं हमारे ज्योतिषाचार्य प्रेम शंकर त्रिपाठी …

 

 

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