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नहीं रहे आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज, आखिर क्यों की उन्होंने खुदकशी?

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मध्य प्रदेश के मशहूर आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। उन्हें घायल अवस्था में इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई है। जमींदार और पूर्व मॉडल भय्यू महाराज का वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख है। भय्यूजी की खुदकुशी के कारण का पता नहीं चल सका है।

भय्यू महाराज अपने अजीबो-गरीब और लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। इनकी शान और शौकत भी कम नहीं है। व्हाइट मर्सिडीज एसयूवी से खुद सफर करते हैं, साथ ही उनके साथ कई फॉलोअर का काफीला भी चलता है।

बता दें कि भय्यूजी ने पहली पत्नी की मौत के बाद पिछले साल ही दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी माधवी से उनकी एक बेटी भी है। उन्होंने पिछले साल 30 अप्रैल को आयुषी नामक महिला से दूसरी शादी रचा ली थी।

भय्यूजी की राजनीतिक पहुंच भी काफी रही है। भय्यूजी के कई दलों के दिग्गज नेता और बिजनेसमैन भी फॉलोअर हैं और धार्मिक मामलों पर इनसे सलाह ली जाती रही है।

भय्यूजी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि वह एक आध्यात्मिक नेता, समाज सुधारक और मोटिवेटर हैं। जिनका मात्र एक उद्देश्य है देश के गरीब-गुरबा के चेहरे पर खुशी लाना है।

भय्यूजी ने 2011 में लोकपाल आंदोलन के समय बड़ी भूमिका निभाई थी। बताया जाता है कि अन्ना का अनशन तुड़वाने के लिए केंद्र सरकार ने दूत बनाकर भेजा था। बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सद्भावना उपवास भय्यूजी ने ही तुड़वाया था।

पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

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पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, 370 पर कही ये बात

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के विपक्षी दलों से जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को वापस लाने की चुनौती दी।

मोदी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के संदर्भ में जलगांव में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र धरती से मैं विपक्ष को चुनौती देता हूं कि अगर आप में हिम्मत है तो अपना रुख स्पष्ट करें और घोषणा करें कि आप अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने के सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं या नहीं।”

उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि क्या उनमें 21 अक्टूबर के महाराष्ट्र चुनाव में अपने चुनाव घोषणा-पत्र में और आने वाले चुनावों के लिए भी इस घोषणा को शामिल करने की हिम्मत है कि वे अनुच्छेद 370 को वापस ले आएंगे और भाजपा सरकार के पांच अगस्त के ऐतिहासिक फैसले को उलट देंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से सामान्य स्थिति लौटाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसे हासिल करने में चार महीने और लगेंगे।

 

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