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प्रादेशिक

उप्र : अपने चहेते को मुख्य सचिव बनवाने में जुटे योग गुरु बाबा रामदेव!

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उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव, आलोक रंजन, योग गुरु बाबा रामदेव, दीपक सिंघल
उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव, आलोक रंजन, योग गुरु बाबा रामदेव, दीपक सिंघल

baba ramdev

लखनऊ| उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया है, जिसे देखते हुए इसकी अटकलें तेज हो गई हैं कि राज्य का अगला मुख्य सचिव कौन होगा? उक्त पद पर नियुक्ति के इच्छुक कुछ अधिकारियों ने लॉबिंग भी शुरू कर दी है।

सूत्र बताते हैं कि योग गुरु बाबा रामदेव भी अपने चहेते अधिकारी को मुख्य सचिव बनवाने के लिए जोर लगाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, आलोक रंजन खुद भी अब अपने सेवा विस्तार के पक्ष में नही हैं। राज्य सरकार की ओर से केंद्र को इस आशय का कोई पत्र भी नहीं भेजा गया है। इसलिए नए मुख्य सचिव को लेकर जोड़तोड़ शुरू हो गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मुझे नहीं लगता की चुनावी वर्ष में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नए मुख्य सचिव की नियुक्ति मामले में कोई जल्दबाजी करेंगे। वह इस महीने के अंत में परिवार के साथ बाहर जा रहे हैं और जुलाई के पहले सप्ताह में लौटेंगे। इसके बाद ही अगले मुख्य सचिव के नाम पर विचार हो सकता है।”

इस बीच नए मुख्य सचिव बनने की होड़ में वरिष्ठ आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी संजय अग्रवाल, संजीव सरन, दीपक सिंघल व अनिल कुमार गुप्ता के शामिल होने की बात सामने आ रही है। कहा जाता है कि इन सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने अपनी तरफ से जोडतोड़ भी शुरू कर दी है।

सूत्रों का दावा है कि दीपक सिंघल के लिए तो योग गुरु बाबा रामदेव ने भी अपनी ओर से पैरवी की है। उन्होंने कई कद्दावर लोगों से सिंघल को अगला मुख्य सचिव बनाए जाने की गुजारिश की है।

शासन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि आलोक रंजन के सेवानिवृत्त होने के बाद फौरी तौर पर उप्र के कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) प्रवीर कुमार को मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जा सकता है और विदेश से लौटने के बाद ही मुख्यमंत्री नए मुख्य सचिव के नाम पर मुहर लगाएंगे।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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