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अन्तर्राष्ट्रीय

पृथ्वी से बड़े आकार का तारा मिला

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वाशिंगटन| नासा के केपलर अंतरिक्ष टेलीस्कोप ने एक ऐसे तारे की खोज की है, जो तीन ग्रहों के साथ है और इसका आकार पृथ्वी के आकार से थोड़ा बड़ा है।

ईपीआईसी 201367065 नामक तारा एक ठंढा रेड एम-ड्वार्फ है, जिसका आकार और द्रव्यमान सूर्य से आधा है।

150 प्रकाश वर्ष दूर स्थित यह तारा शीर्ष 10 नजदीकी तारों में शामिल है।

इस अध्ययन के नेतृत्वकर्ता, युनिवर्सिटी ऑफ अरिजोना के इयान क्रॉसफील्ड ने कहा, “नाइट्रोजन और ऑक्सीजन से निर्मित एक पतले वातावरण ने पृथ्वी पर जीवन संभव बनाया है। लेकिन प्रकृति आश्चर्य से भरी हुई है। केपलर मिशन के जरिए खोजे गए कई एक्सोप्लैनेट (तारों के चारों ओर चक्कर लगाने वाला ग्रह) मोटे, हाइड्रोजन समृद्ध वातावरण से ढके हुए हैं जो संभवत: जीवन के योग्य नहीं है, जैसा कि हमें पता है।”

युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले के स्नातक विद्यार्थी एरिक पेटिगुरा ने कहा, “अभी तक हमने जितने ग्रहों को पाया है उनमें से अधिकांश संतृप्त (सूखे) हैं। यह सबसे ठंडा तारा है, और इसके चारों ओर चक्कर लगाने वाले ग्रह उदासीन हैं।”

पेटिगुरा ने इस तारे को छह जनवरी को उस समय खोजा, जब वह नासा द्वारा उपलब्ध कराए गए केपलर के आंकड़े का विश्लेषण कर रहे थे।

अन्तर्राष्ट्रीय

भारत में अवसरों की भरमार, पीएम मोदी के नेतृत्व में 10 सालों में देश ने अच्छी प्रगति की : वॉरेन बफे

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नई दिल्ली। बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ वॉरेन बफे भारत की निवेश की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने रविवार को कंपनी की सालाना बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत में अवसरों की भरमार हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने सभी आर्थिक मानदंडों में अच्छी प्रगति की है। अब लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर (अनुमान वित्त वर्ष 2023-24) की जीडीपी के साथ भारत आर्थिक रूप से पांचवां सबसे बड़ा देश है। एक दशक पहले देश 1.9 ट्रिलियन डॉलर (मौजूदा बाजार मूल्य) की जीडीपी के साथ भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस 10 साल की यात्रा में कई रिफॉर्म हुए जिसने देश को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाया है।

रविवार को अपनी कंपनी की वार्षिक बैठक में वॉरेन बफेट ने कहा, भारत में नई संभावनाओं का पता लगाएं। यहां ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जिनको सर्च नहीं किया गया है या यहां मौजूद अवसरों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि भारत में बहुत सारे अवसर हैं। सवाल यह है कि क्या हमें उनके बारे में जानकारी है, जिसमें हम भाग लेना चाहेंगे। बफेट देश में संभावित प्रवेश की तलाश में हैं। भारत की जीडीपी ग्रोथ एक नए शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार है। विनिर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों ने फिर से सुधार देखना शुरू कर दिया है और जीएसटी कलेक्शन नई ऊंचाई हासिल कर रहा है।

आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ महामारी से पहले 2020 के दौरान दर्ज की गई 7 प्रतिशत से ऊपर बढ़ने के संकेत हैं। आईएमएफ के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 2004 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 635 डॉलर थी। 2024 में देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 2,850 डॉलर हो गई है, जो इसके समकक्ष देशों के लिए 6,770 डॉलर का 42 प्रतिशत है। इस महीने की शुरुआत में जारी एचएसबीसी सर्वे के अनुसार, मजबूत मांग के कारण भारत का विनिर्माण सेक्टर अप्रैल में मजबूत गति से बढ़ा। इसके अलावा विश्व चुनौतियों के बावजूद, एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न के साथ देश ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बना हुआ है।

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