क्या थी वजह कि शास्त्री ने गावस्कर-सचिन और कपिल से की धौनी की तुलना

नई दिल्ली। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयनसमिति के अध्यक्ष एम.एस.के. प्रसाद ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे। लेकिन टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री प्रसाद से इतर राय रखते हैं। शास्त्री ने धौनी के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें टीम से हटाने के बारे में सोच भी नहीं सकता।

धौनी ने श्रीलंका दौरे पर जबरदस्त फॉर्म का परिचय देते हुए 82.23 स्ट्राइक रेट से 162 रन बनाए थे साथ ही विकेट के पीछे भी गजब की चपलता दिखाई। धौनी इस दौरे पर वनडे में 100 स्टंपिंग करने वाले पहले विकेटकीपर भी बने।

रवि शास्त्री ने कहा कि धौनी के साथ फिटनेस और फॉर्म दोनों हैं और टीम को 2019 विश्व कप में उनकी जरूरत होगी। शास्त्री ने धौनी की तुलना महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और हरफनमौला कपिल देव के साथ करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना जरूरी है।

कोच ने कहा, “धौनी जैसा लीजेंड आपको कहां मिलेगा? धौनी सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और कपिल देव के बराबर हैं। हमें उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना चाहिए।” शास्त्री ने श्रीलंका में धौनी के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है।

55 साल के शास्त्री ने कहा, “किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन उसके मौजूदा फॉर्म और फिटनेस के आधार पर होता है और धौनी के पास ये दोनों हैं। अगर आप उनकी विकेटकीपिंग देखें तो वनडे क्रिकेट में वह सर्वश्रेष्ठ हैं। उनकी फिटनेस गजब की है, उन्होंने श्रीलंका में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। और मैं आपको बता दूं कि श्रीलंका में आपने जो देखा था वो महज एक ट्रेलर देखा था..अब फिल्म का इंतजार कीजिए।”

शास्त्री ने कहा, “अगर धौनी इसी तरह से खेलते रहते हैं तो तब तो कोई वजह नहीं कि वह 2019 विश्व कप के लिए टीम में नहीं होंगे। आप धौनी के बगैर टीम की कल्पना ही नहीं कर सकते।” युवराज सिंह और सुरेश रैना को टीम में नहीं रखने के सवाल पर शास्त्री ने कहा, “दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। फिट होने पर ही टीम में शामिल किया जाएगा।”

शास्त्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के बाद खिलाडय़िों को आराम देने के बारे में उन्होंने बीसीसीआई से बात की है। उन्होंने कहा, “बेहतर होता कि टी-20 बाद में करवाते क्योंकि श्रीलंका सीरीज और दक्षिण अफ्रीका के दौरे के बीच बहुत कम समय होगा।

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच वनडे मैचों की सीरीज के पहले दो मैच महत्वपूर्ण होंगे। शास्त्री ने कहा, “हमें दोनों मैच जीतने होंगे क्योंकि पहले दो मैच ही सीरीज का फैसला कर देंगे। ऑस्ट्रेलिया कड़ी चुनौती देगी।”

शास्त्री ने कहा, “ये देखने के लिए शायद मैं जिंदा न रहूं कि जिस तरह हमारी टीम ने श्रीलंका में सभी मैच जीते उसी तरह ऑस्ट्रेलिया या फिर इंग्लैंड में भी जीते।” शास्त्री ने स्पष्ट किया कि टीम के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा, “मैं चयन में दखल नहीं देता हूं, जो टीम मिलेगी उसको तैयार करूंगा।”

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