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सेंसेक्स, निफ्टी में आधा फीसदी से अधिक तेजी

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सेंसेक्स, निफ्टी में आधा फीसदी से अधिक तेजी

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सेंसेक्स, निफ्टी में आधा फीसदी से अधिक तेजी

मुंबई| देश के शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में पिछले सप्ताह करीब आधा फीसदी से अधिक तेजी रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.82 फीसदी यानी 211.39 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 25,838.14 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.62 फीसदी यानी 48.85 अंकों की तेजी के साथ 7,899.30 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में पिछले सप्ताह तेजी रही। एक्सिस बैंक (7.69 फीसदी), टाटा स्टील (6.37 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (4.54 फीसदी), एनटीपीसी (4.37 फीसदी) और भारतीय स्टेट बैंक (4.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे विप्रो (4.60 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (4.59 फीसदी), भेल (4.24 फीसदी), टीसीएस (4.20 फीसदी) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.51 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी करीब एक फीसदी तेजी रही। मिडकैप 0.94 फीसदी या 102.34 अंकों की तेजी के साथ 11,018.64 पर और स्मॉलकैप 1.24 फीसदी या 135.82 अंकों की तेजी के साथ 11,078.84 पर बंद हुआ।

सोमवार 18 अप्रैल को जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक देश की थोक महंगाई दर मार्च महीने में बढ़कर नकारात्मक 0.85 फीसदी दर्ज की गई, जो फरवरी में नकारात्मक 0.91 फीसदी थी। इसके साथ ही थोक महंगाई दर लगातार 17वें महीने नकारात्मक दायरे में रही। थोक महंगाई दर एक साल पहले यानी मार्च 2015 में नकारात्मक 2.33 फीसदी थी। आलोच्य अवधि में थोक खाद्य महंगाई दर 3.73 फीसदी रही। वहीं, दलहन की महंगाई दर 34.45 फीसदी रही।

सोमवार को ही जारी एक अन्य आंकड़े के मुताबिक देश का वस्तु निर्यात मार्च 2016 में साल-दर-साल आधार पर 5.47 फीसदी गिरावट के साथ 22.72 अरब डॉलर का रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 24.03 अरब डॉलर था। यह लगातार 16वें महीने की गिरावट है। पूरे वित्त वर्ष 2015-16 के लिए निर्यात 15.85 फीसदी गिरावट के साथ 261.14 अरब डॉलर का रहा, जो एक साल पहले 310.34 अरब डॉलर था।

मार्च महीने में आयात साल-दर-साल आधार पर 21.56 फीसदी गिरावट के साथ 27.78 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 35.42 अरब डॉलर था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2015-16 में 15.28 फीसदी घटकर 379.59 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 448.03 अरब डॉलर था।

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Whatsapp ने दी भारत छोड़ने की धमकी, कहा- अगर सरकार ने मजबूर किया तो

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नई दिल्ली। व्हाट्सएप ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि अगर उसे उसे संदेशों के एन्क्रिप्शन को तोड़ने के लिए मजबूर किया गया तो वह भारत में अपनी सेवाएं बंद कर देगा। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की ओर से पेश एक वकील ने कहा कि लोग गोपनीयता के लिए व्हाट्सएप का उपयोग करते हैं और सभी संदेश एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं।

व्हाट्सऐप का कहना है कि WhatsApp End-To-End Encryption फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को सिक्योर रखने का काम करता है। इस फीचर की वजह से ही मैसेज भेजने वाले और रिसीव करने वाले ही इस बात को जान सकते हैं कि आखिर मैसेज में क्या लिखा है। व्हाट्सऐप की तरफ से पेश हुए वकील तेजस करिया ने अदालत में बताया कि हम एक प्लेटफॉर्म के तौर पर भारत में काम कर रहे हैं। अगर हमें एन्क्रिप्शन सिक्योरिटी फीचर को तोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है तो व्हाट्सऐप भारत छोड़कर चला जाएगा।

तेजस करिया का कहना है कि करोड़ों यूजर्स व्हाट्सऐप को इसके एन्क्रिप्शन सिक्योरिटी फीचर की वजह से इस्तेमाल करते हैं। इस वक्त भारत में 40 करोड़ से ज्यादा व्हाट्सऐप यूजर्स हैं। यही नहीं उन्होंने ये भी तर्क दिया है कि नियम न सिर्फ एन्क्रिप्शन बल्कि यूजर्स की प्राइवेसी को भी कमजोर बनाने का काम कर रहे हैं।

व्हाट्सऐप के वकील ने बताया कि भारत के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई नियम नहीं है। वहीं सरकार का पक्ष रखने वाले वकील कीर्तिमान सिंह ने नियमों का बचाव करते हुए कहा कि आज जैसा माहौल है उसे देखते हुए मैसेज भेजने वाले का पता लगाने की जरूरत पर जोर दिया है। कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई अब 14 अगस्त को करेगा।

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