Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

नेशनल

मुसलमानों के लिए क्यों जरुरी है नमाज, क्या मुसलमान कहीं भी पढ़ सकता है नमाज? जानिए

Published

on

Loading

कुछ दिनों पहले मुसलमानों के खुलेआम नमाज पढ़ने को लेकर खूब विवाद हुआ था। कुछ हफ्तों पहले शुक्रवार को सार्वजिनक नामाज पढ़ने पर एक संगठन ने वहां नमाज पढ़ रहे लोगों को हटा दिया। नामाज को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का एक बयान आया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में पढ़ी जानी चाहिए। आईए जानते हैं नमाज से जुड़ी कुछ अहम बातों को…

नमाज

साभार इंटरनेट

इस्लाम में क्यों जरुरी है नमाज़

इंसान की मुस्लिम होने की बुनियाद इस बात पर टिकी होती है कि वह अल्लाह को मानता हो और नमाज पढ़ता हो। इस्लाम में पांचों वक़्त की नमाज़ पढ़ने को ज़रूरी बताया गया है। इसे मुसलमान किसी कीमत पर नहीं छोड़ सकता। कुछ ही ऐसी वजह हैं जिस वजह से मुसलमान को नमाज न पढ़ने की छूट मिलती है।

नमाज

साभार इंटरनेट

मसलन अगर कोई बीमार हो तो उसे नमाज पढ़ने से छूट मिल जाती है। सफ़र में भी एक मुसलमान को नमाज़ पढ़ना ज़रूरी होता है लेकिन इस दौरान नमाज़ पढ़ने की प्रक्रिया छोटी कर दी जाती है। नमाज पढ़ने के लिए सबसे जरुरी चीज है इंसान का पाक-साफ होना। अगर इंसान पाक-साफ है तो वह नमाज कहीं भी पढ़ सकता है।

क्या हर जगह पढ़ी जा सकती है नमाज़?

एक मुसलमान कहीं भी नमाज़ पढ़ सकता है। नमाज पढ़ने की एक छोटी सी शर्त होती है वह यह है कि जिस जगह आपको नमाज पढ़ना है वो जगह साफ होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या इंसान किसी और की जमीन पर नमाज पढ़ सकता है।

नमाज

साभार इंटरनेट

तो इसका जवाब यह है कि अगर जमीन का मालिक नमाज के लिए मना कर दे तो शरीयत के मुताबिक उस जगह पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती।

नेशनल

जेपी नड्डा का ममता पर हमला, कहा- संदेशखाली में जनता की रक्षा के लिए एनएसजी कमांडो को भी उतरना पड़ा

Published

on

Loading

नई दिल्‍ली। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर तगड़ा हमला बोला है। उन्‍होंने कहा कि ममता दीदी ने बंगाल को क्‍या बना दिया है। जेपी नड्डा ने कहा कि संदेशखाली, ममता बनर्जी की निर्ममता और बर्बरता का संदेश चीख-चीख कर दे रहा है। ममता दीदी ने बंगाल को क्या बना दिया है? जहां रवींद्र संगीत गूंजना चाहिए था, वहां बम-पिस्तौल मिल रहे हैं।

संदेशखाली में जनता की रक्षा के लिए एनएसजी कमांडो को भी उतरना पड़ा। इसी से समझ सकते हैं कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने किस तरह अराजकता फैला रखी है। मैं बंगाल के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता से अपील करता हूं कि आप सभी संदेशखाली पर ममता बनर्जी से जवाब मांगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने संदेशखाली की पीड़िता को पार्टी का टिकट देकर भाजपा महिला सशक्तिकरण के संदेश को मजबूती दी है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को जवाब दिया है कि ये महिलाएं अकेली नहीं है उनके साथ पूरा समाज, पूरा देश खड़ा है। संदेशखाली में महिलाओं की इज्जत-आबरू और उनकी जमीनें बचाने के लिए वहां गई जांच एजेंसियों के अधिकारियों पर भी घातक हमला किया गया।

जेपी नड्डा ने आगे कहा, “मैं आज समाचार पढ़ रहा था कि संदेशखाली में तलाशी के दौरान सीबीआई ने तीन विदेशी रिवॉल्वर, पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक रिवॉल्वर, बंदूकें, कई गोलियां और कारतूस बरामद किए हैं।” इसी से समझा जा सकता है कि ममता सरकार ने राज्य में किस तरह अराजकता फैला रखी है। उन्होंने पूछा कि क्या ममता बनर्जी जनता को डराकर, उनकी जान लेकर चुनाव जीतेंगी। क्या नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवीन्द्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो जैसे मनीषियों ने ऐसे बंगाल की कल्पना की थी।

संदेशखाली में जनता की रक्षा के लिए एनएसजी कमांडो को भी उतरना पड़ा। ममता दीदी, यदि आपको ऐसा लगता है कि आप ऐसा करके चुनाव जीत जाएंगी तो ये आपकी भूल है। जनता आपको इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि हमने देखा कि ममता सरकार में तृणमूल कांग्रेस के शाहजहां शेख जैसे असामाजिक तत्व संदेशखाली में महिलाओं के अस्तित्व पर खतरा बने हुए हैं। महिलाओं के साथ जिस तरह का सलूक हो रहा है वह सच में बहुत ही संवेदनशील और कष्टदायी है।

Continue Reading

Trending