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कोरोनाः ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती

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नई दिल्ली। कोरोना पॉजिटिव पाए गए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की तबीयत मंगलवार को अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि पिछले हफ्ते ही ब्रिटिश पीएम कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। बोरिस जॉनसन टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद वो 27 मार्च को सेल्फ आइसोलेशन में चले गए थे।

रविवार की शाम हालांकि उन्हें लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत बिगड़ने पर 6 अप्रैल की शाम को उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट में भेज दिया गया।

10 डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने बताया, “सोमवार दोपहर प्रधानमंत्री की हालत बिगड़ गई। उनकी मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें अस्पताल के आईसीयू में ले जाया गया है।”

बताया जा रहा है कि पीएम बोरिस जॉनसन सोमवार सुबह ठीक थे। लेकिन दोपहर बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी और शाम छह बजे उन्हें आईसीयू में ले जाया गया।

गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन अस्पताल में एडमिट होने से पहले प्रधानमंत्री पद की सारी जिम्मेदारी देख रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने विदेश मंत्री डोमनिक रॉब को इसके लिए प्रतिनियुक्त कर दिया।

खबर ये भी है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की मंगेतर कैरी साइमंड्स भी कोरोना वायरस जैसे लक्षण महसूस कर रही हैं। हालांकि साइमंड्स ने बताया है कि उनका टेस्ट नहीं हुआ है और वह एक हफ्ते से आराम कर रही हैं। पिछले हफ्ते पीएम जॉनसन के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद से साइमंड्स फिलहाल उनसे अलग रही हैं।

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कोरोनाः चीनी कंपनी का दावा, बन चुकी है वैक्सीन, 10 करोड़ डोज होंगे तैयार

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस वायरस से अब तक 61 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 3 लाख 71 हजार लोगों को इस खतरनाक बीमारी की वजह से जान गंवानी पड़ी है। इस बीच जिस देश से यह वायरस पूरी दुनिया में फैला वहां के वैज्ञानिकों ने इसकी वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है।

चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने कोरोना वायरस की 99 फीसदी कारगर वैक्सीन बना ली है। इस वैक्सीन के करीब 10 करोड़ डोज बनाने की तैयारी चल रही है। वैक्सीन बनाने का यह दावा बीजिंग की बायोटेक कंपनी ‘सिनोवैक’ ने किया है। चीन में करीब एक हजार से ज्यादा वॉलंटियर पर इसका ट्रायल चल रहा है। हालांकि अब इस वैक्सीन का स्टेज 3 ट्रायल ब्रिटेन में करने की तैयारी की जा रही है।

वैक्सीन बनाने वाले शोधकर्ताओं से जब यह पूछा गया कि क्या यह वैक्सीन काम करेगी। इसके जवाब में रिसर्चर्स लुओ बैशन ने कहा कि यह 99 फीसदी तक कारगर साबित होगी। फिलहाल कंपनी वैक्सीन का स्टेज 2 का ट्रायल कर रही है, लेकिन चीन में कोरोना संक्रमण के कम मामले को देखते हुए वॉलंटियर की कमी पड़ गई है।

कंपनी ‘सिनोवैक’ ने कहा है कि हम यूरोप के कई देशों से ट्रायल के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही यूके से भी बातचीत की गई है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। कंपनी बीजिंग में एक प्लांट भी लगा रही है। इस प्लांट में करीब 10 करोड़ डोज तैयार किए जाएंगे।

‘सिनोवैक’ का कहना है कि इस वैक्सीन का प्रयोग सबसे पहले हाई रिस्क वाले मरीजों पर होगा। इस दौरान हेल्थ वर्कर्स और बड़ी उम्र वाले लोगों पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि अभी स्टेज 2 के ट्रायल में महीनों लगेंगे। इसके साथ ही वैक्सीन की रेग्यूलेटरी अप्रूवल भी चाहिए होगी।

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