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शादी में लोगों ने नए जोड़े को प्याज किया गिफ्ट, दुल्हन का ऐसा था रिएक्शन

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश से झांसी से एक ऐसी अजीबोगरीब खबर सामने आई है जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां लोगों ने एक शादी के दौरान दूल्हा दुल्हन को गिफ्ट में प्याज देना शुरू कर दिया है।

मामला झांसी के डेली का है, यहां कानपुर से बारात आई थी। जयमाल के समय जब दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर थे। इसी दौरान लोगों ने दोनों को प्याज देना शुरू कर दिया।

एक रिश्तेदार ने दूल्हे-दुल्हन को 5 किलो प्याज का गिफ्ट दिया। इतना ही नहीं इस गिफ्ट को पाकर उनके घर के लोग खुश भी नजर आए। दुल्हन की बहन ने बताया कि शादी में सभी लोग कुछ न कुछ गिप्ट दे रहे है किसी ने ये नहीं सोचा की प्याज कितनी महंगी है।

उन्होंने कहा, मेरी बहन को किचन में कोई तकलीफ ना हो इसलिए प्याज गिफ्ट की जा रही है। अपनी शादी में गिफ्ट के तौर पर प्याज पाकर खुद दुल्हन भी खुश नजर आई। उन्होंने कहा कि मुझे प्याज गिफ्ट में मिली, मैं बहुत खुश हूं।

उन्होंने कहा कि दहेज में मुझे कुछ दो न दो पर प्याज दो। उधर, दूल्हे के पक्ष के लोग भी इस वाकये को लेकर खुश नजर आए। यह शादी और इस शादी में मिला दहेज आसपास के इलाकों में सुर्खियां बना हुआ है।

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Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

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लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

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