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महाराष्ट्र Live: फडणवीस सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शनिवार को देवेंद्र फडणवीस द्वारा मुख्यमंत्री पद और अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद पर शपथ लेने के बाद शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार गठन को चुनौती दी है।

रविवार को 11.30 बजे सर्वोच्च न्यायालय की कोर्ट नंबर 2 से इस मामले पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। सरकार की तरफ से सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता दलील रख रहे हैं जबकि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की ओर से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट ने बहस कर रहे हैं।

कपिल सिब्बल ने सरकार गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुबह 5.47 मिनट पर हटाया गया साथ ही सिब्बल ने यह भी सवाल उठाया कि बिना कैबिनेट मीटिंग के कैसे पूरी प्रक्रिया हुई।

आपको बता दें कि शनिवार को महाराष्ट्र में सत्ता हासिल करने की खींचतान पूरे दिन चलती रही। सुबह करीब 8 बजे देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार संग राजभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

लेकिन कुछ ही देर बाद खबर आई कि अजित पवार और बीजेपी का समर्थन कर रहे एनसीपी के सभी विधायक अब शरद पवार के खेमे में आ गए हैं।

इसके बाद देर शाम एनसीपी की बैठक में अजित पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया और जयंत पाटिल को यह पदभार दे दिया गया। सूत्रों के मुताबिक अजित पवार को मनाने की कोशिशें जारी है।

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दिल्लीः शाहीन बाग में तिरंगा फहराकर मनाया गया गणतंत्र दिवस

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नई दिल्ली। आज के दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, “सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्द!”

इस बीच गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में भी तिरंगा फहराया गया है। यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे इलाके को तिरंगे के रंग से सजाया गया। बता दें कि धरने पर बैठे लोग लगातार नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे हैं। लोग सीएए कानून को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं।

एक तरफ जहां शाहीन बाग में लगातार सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार इस कानून को लेकर सख्त है। गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि वह इस कानून को वापस नहीं लेंगे, जिसे विरोध करना है करे।

गौरतलब है कि शाहीन बाग में 15 दिसंबर से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं। ये महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का लगातार विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि ये कानून उनके साथ भेदभाव करता है। वे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से इस कानून को वापस लेने की मांग कर रही हैं। हालांकि, अमित शाह ने पिछले दिनों कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।

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