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लोजपा ने दिया बीजेपी को झटका, झारखंड में अलग लड़ेंगे चुनाव

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रांची। महाराष्ट्र में अपने सबसे पुराने साथी शिवसेना से अलग होने के बाद भारतीय जनता पार्टी को एनडीए के एक और सहयोगी दल ने झटका दे दिया है।

केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने अकेले झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। लोजपा ने 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।

जानकारी के अनुसार लोजपा झारखंड विधानसभा चुनाव में 81 में से 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। लोजपा झारखंड में भाजपा से अलग होकर चुनाव मैदान में आई है। लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बताया कि मंगलवार को प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की जाएगी।

इससे पूर्व लोजपा ने भाजपा से संपर्क किया था और झारखंड विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। लोजपा ने भाजपा से संथाल परगना के जरमुंडी विस सीट समेत 6 सीटों की मांग की थी। पर भाजपा की ओर से इन सीटों पर अपना प्रत्याशी उतार दिया गया।

इसके बाद सोमवार को ही लोजपा ने यह मन बना लिया था कि वो अकेले चुनाव मैदान में आ सकती है। मंगलवार को चिराग पासवान ने इसकी अधिकारिक घोषणा भी कर दी।

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राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

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