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उत्तराखंड

हाईकोर्ट व एनजीटी में उत्तराखण्ड सरकार की ओर से योजित वादो की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा

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देहरादून। स्थित उत्तराखण्ड सदन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मा. उच्चतम न्यायालय /मा. एनजीटी /मा. अधिकरणों में उत्तराखण्ड सरकार की ओर से योजित वादो की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने वादों के निस्तारण में आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने की सभी सम्बन्धित अधिवक्ताओं एवं विभागो से अपेक्षा की।

इस अवसर पर एलआर उत्तराखण्ड व महाधिवक्ताओं राज्य से सूचीबद् अधिवक्ताओं के साथ उत्तराखण्ड से संबन्धित विभिन्न विभागों के मा. उच्चतम न्यायालय/राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं अन्य न्यायालयों में चल रहे वादो की व्यापक समीक्षा की गई।

महाधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उच्चतम न्यायालय/राष्ट्रीय हरित अधिकरण व अन्य न्यायालायो में राज्य से संबन्धित वादो के सम्बन्ध में विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित करते हुए वादो का निस्तारण किया जा रहा है।

अधिवक्ताओ द्वारा सुझाव दिया गया कि हर छः माह में इस तरह की समीक्षा बैठक दिल्ली एवं उत्तराखण्ड राज्य के अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जानी चाहिए।

बैठक मे अधिवक्ताओं द्वारा सुझाव दिया गया कि पुलिस, वन, पर्यावरण, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को केस रजिस्टर करना व उसकी जांच हेतु प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने प्राप्त सुझावों पर सहमति व्यक्त की गई।

 

उत्तराखंड

नम्रता-गौरव के स्टार्ट-अप को मिला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का साथ, की आर्थिक मदद

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देहरादून। यमकेश्वर ब्लॉक के कंडवाल गांव में हेम्प से विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाले गौरव व नम्रता को मशीन खरीदने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम विवेकाधीन कोष से 10 लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशे से आर्किटेक्ट नम्रता व गौरव ने यमकेश्वर जैसे दूरदराज ब्लॉक के गांव में हेम्प से उत्पाद बनाने का स्टार्ट अप शुरू कर अन्य युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाई है। उन्होंने बताया है कि किस प्रकार से स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग कर स्वयं के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।

गौरव और नम्रता ने बताया कि वे दोनों दिल्ली में रहते थे। काफी रिसर्च के बाद उन्होंने पहाड़ में पाए जाने वाले हेम्प को रोजगार का साधन बनाने का निर्णय किया।

वर्तमान में वे इसके बीज के तेल से साबुन बना रहे हैं। इससे भवन निर्माण सामग्री भी बनाई जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके द्वारा हेम्प से ग्रामीण आर्थिकी में सुधार पर जानकारी दी गई थी। मिनिस्ट्रि ऑफ हाउसिंग के स्पेशल पब्लिकेशन में ‘हेम्प की भवन निर्माण तकनीक’ पर उनकी रिसर्च पर लेख भी प्रकाशित हुआ था।

 

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