Connect with us

प्रादेशिक

अंतिम संस्कार के दौरान जिंदा हो गया शख्स, डर से भागे लोग

Published

on

प्रतीकात्मक तस्वीर

भुवनेश्वर। ओडिशा के गंजाम जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां अंतिम संस्कार के दौरान मृत व्यक्ति अचानक जिंदा हो गया।

यह देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, मुर्दा समझकर अंतिम संस्कार के लिए जिस शख्स को लोग ले जा रहे थे वह अचानक सिर हिलाने लगा।

घटना के बाद कुछ लोग इतने घबरा गए कि मौके पर से भाग खड़े हुए। हालांकि, तुरंत व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि इलाज के बाद व्यक्ति की हालत स्थिर है।

डॉक्टर ने बताया कि कपकहाला गांव में ग्रामीण सीमांचक मलिक को अंतिम संस्कार के लिए ले गए थे। लेकिन उनको सिर हिलाते देखने के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था।

डॉक्टर ने बताया कि बुखार की वजह से वह बेहोश हो गए थे और इलाज के बाद उनकी स्थिति अच्छी हो गई। डॉक्टर ने बताया कि मलिक को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

पुलिस के मुताबिक मलिक शनिवार को बकरियों और भेड़ों को चराने के लिए जंगल गए थे, लेकिन शाम में मवेशियों के लौटने के बाद भी वह नहीं लौटे। इसके बाद शनिवार की सुबह कुछ लोगों ने मलिक को बेजान स्थिति में देखा और उसे घर ले आए।

परिवार के सदस्यों और गांव के अन्य लोगों ने मलिक को मरा हुआ जान अंतिम संस्कर की तैयार कर ली। जब मलिक को गांव में अंतिम संस्कार स्थल पर ले जाया गया तो अचानक उनका सिर हिलने लगा, जिससे लोग घबरा गए। कुछ मिनट बाद उनमें से कुछ तो वहां से भाग खड़े हुए।

 

प्रादेशिक

गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

Published

on

नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending