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महिला पुलिसकर्मी ने पुलिस स्टेशन में बनाया Tik-Tok वीडियो, हुई सस्पेंड

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नई दिल्ली। पुलिस थाने के अंदर नाचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को गुजरात की एक महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया। दरअसल, महिला पुलिसकर्मी अर्पिता चौधरी ने लॉक अप के पास टिक-टॉक वीडियो बनाया अपलोड किया। बताया जा रहा है कि ये वीडियो मेहसाणा के लाँघनाज पुलिस थाने का है। पुलिस स्टेशन में डांस करते हुए उन्होंने वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया।

डिप्टी सुपरिटेंडेंट मनजीता वंजारा ने पत्रकारों से कहा कि अर्पिता चौधरी ने नियमों का उल्लंघन किया है। पहली बात तो यह कि वह ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म में नहीं थीं। दूसरी बात कि उन्होंने लंघनाज पुलिस स्टेशन के भीतर अपना एक वीडियो बनाया। पुलिस अधिकारियों के अनुशासन का पालन करना चाहिए, जो कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि अर्पिता चौधरी ने 20 जुलाई को वीडियो बनाया था जो सोशल मीडिया साइट और व्हाट्सएप्प पर वायरल हो गया। 2016 में अर्पिता लोक रक्षक दल (एलआरडी) में भर्ती हुईं। अर्पिता चौधरी को 2018 में मेहसाणा स्थानांतरित किया गया था।

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केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

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जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

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