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ममता बनर्जी का नया फरमान, बंगाल में हैं तो बांग्ला बोलनी ही पड़ेगी

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बड़ा बयान दे दिया। बनर्जी ने बांग्ला भाषा पर बात करते हुए कहा कि बंगाल में रहने के लिए बांग्ला बोलनी ही पड़ेगी।

शुक्रवार को बनर्जी ने कहा, ‘हमें बांग्ला को आगे लाना होगा। जब मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब जाती हूं तो वहां उनकी भाषा में बात करती हूं।

अगर आप बंगाल में हैं तो आपको बांग्ला ही बोलनी पड़ेगी। मैं उन अपराधियों को बर्दाश्त नहीं करूंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइक पर घूमते हैं।’

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में हो रही हिंसा अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हर दिन बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं आपस में भिड़ने से वहां की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद पार्टी लगातार बंगाल में टीएमसी की गुंडागर्दी का मुद्दा उठा रही है।

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अखिलेश यादव का एलान, लव जिहाद के कानून का हर स्तर पर विरोध करेंगे

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लखनऊ। लव जिहाद के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार के अध्‍यादेश को प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही इस अध्यादेश ने कानून की शक्ल ले ली है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में लव जिहाद मामलों में अब कठोर सजा मिलेगी। वहीँ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लव जिहाद कानून के विरोध में उतर आये हैं।

अखिलेश ने कहा है कि वह लव जिहाद के कानून का हर स्तर पर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता लव जिहाद कानून का विरोध करेंगे। वे विधानसभा व विधान परिषद में ऐसे कानून का पूरा जोर लगाकर विरोध करेंगे। अखिलेश यादव ने लखनऊ में शनिवार को पार्टी मुख्यालय में कहा कि ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ जन मानस के खिलाफ है। लव जिहाद के खिलाफ कानून के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने की बड़ी साजिश की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा, “हम, हमारी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता लव जिहाद कानून का विरोध करेंगे। हम विधानसभा और विधान परिषद में ऐसे कानून का पूरा जोर लगाकर विरोध करेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ अंतर्जातीय व अंतधार्मिक शादियों पर 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे रही है, तो दूसरी ओर इसे रोकने के लिए कानून ला रही है। सरकार के लोगों को संविधान का अनुच्छेद 21 पढ़ना चाहिए। सपा ऐसे किसी भी कानून के पक्ष में नहीं है।

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