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भारतीय साइबर आर्मी ने पाकिस्तान पर किया सबसे बड़ा हमला, इस्लामाबाद से लेकर कराची तक मची भगदड़

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पुलवामा हमले के बाद अब भारत ने पाकिस्तान पर कार्यवाही करनी शुरू कर दी है। एक बड़े भारतीय हैकर ग्रुप ने पाकिस्तान पर साइबर हमला किया है। इसमें हैकर्स ने पाकिस्तान के 200 से ज्यादा वेबसाइट को हैक कर संदेश दिया है। इसमें पाक की आधिकारिक वेबसाइट भी शामिल है। इस हिसाब से कहा जा सकता है कि भारतीय साइबर आर्मी ने पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया है। इससे कराची हो या इस्लामाबाद सब जगह अधिकारियों में भगदड़ मच गई है।
बता दें वेबसाइट टीम आई-क्रू द्वारा हैक की गई है। वेबसाइट हैक करके उस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। उसमें भारतीय सेना का विमान उड़ान भरते हुए दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं पेज पर लिखा- “हम 14/02/2019 कभी नहीं भूलेंगे। उन वीर जवानों को समर्पित जिन्होंने पुलवामा आतंकी हमले में अपनी जान की बाजी लगा दी। हम माफ कर दें? हम भूल जाएं? भारत कभी नहीं भूल सकता! आपके अनुसार… देशभक्ति= युद्ध=जिहाद=शिट।”

इस तरह का साइबर हमला पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा साइबर हमला है। पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों ने इसका शक भी भारत के उपर जताया है। इनमें से कुछ वेबसाइट के लिंग भी नीचे दिए गए हैं।

https://sindhforests.gov.pk/op.html
https://mail.sindhforests.gov.pk/op.html
https://pkha.gov.pk/op.html
https://ebidding.pkha.gov.pk/op.html
https://mail.pkha.gov.pk/op.html

अन्तर्राष्ट्रीय

करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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