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क्या बच पाएंगे “राहुल गांधी के जीजा”? ED के चंगुल में बुरे फंसे, आज भी निपट रहे मुसीबत से

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राहुल गांधी के जीजा

मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा से आज तीसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) से पूछताछ जारी है। ऐसे में कहा जा सकते हैं कि आज भी वो सवालों का जवाब दे देकर मुसीबत से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उन्हें आगे समन किया गया है। वाड्रा से पूछताछ पर उन्होंने अपने लंदन की किसी भी प्रोपर्टी होने से इंकार किया है।
प्रवर्तन एजेंसी का आरोप है कि वाड्रा ने विदेश में अवैध जायदाद खरीदने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की है। इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी के जीजा और प्रियंका गांधी के पति ED दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे।

ईडी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि लंदन की प्रॉप्रटी एक पेट्रोलियम सौदे में ली गई रिश्वत का हिस्सा है। इस रकम को भंडारी की यूएई स्थित कंपनी एफजेडसी सनटेक इंटनेशनल ने ट्रांसफर किया था। वाड्रा से जुड़े इस केस में आरोपी मनोज अरोड़ा भी एक प्रमुख संदिग्ध है।

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बीजेपी के इस उम्मीदवार पर दर्ज हैं इतने मुकदमें, ब्योरा देने में भर गए चार पन्ने

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को चुनाव आयोग में हलफनामे के जरिए अपनी पूरी डिटेल देने पड़ती है। हलफनामे में उम्मीदवार को अपने बारे में छोटी से छोटी जानकारी देनी होती है।

केरल की पट्टनमिट्टा लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्रन ने भी एफिडेबिट के जरिए चुनाव आयोग को अपनी डिटेल दी है लेकिन इस जानकारी की वजह से उनका नाम सुर्खियों में आ गया है।

दरअसल, सुरेंद्रन के खिलाफ 242 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें से 222 मामले केवल सबरीमाला से संबंधित हैं। भाजपा के मुखपत्र जन्मभूमि में उन्होंने इन आपराधिक मामलों के बारे में ब्योरा दिया है।

जिसमें चार पेज लग गए। पार्टी को अपने टीवी चैनल जनम टीवी पर सुरेंद्रन के आपराधिक मामलों का ब्योरा देने में 60 सेकेंड का समय लगा। जबकि अन्य उम्मीदवारों के बारे में ब्योरा देने में केवल सात सेकेंड का समय लगा।

पार्टी के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘यदि किसी दूसरे अखबार के केवल एक संस्करण में उनके ब्योरे के बारे में विज्ञापन दिया जाता तो उसका खर्च करीब 60 लाख रुपये आता। टीवी पर इसका खर्च और ज्यादा आता।’

चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में प्रिंट और टीवी पर तीन बार विज्ञापन दें।

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