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राम मंदिर पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कही ऐसी बात, सुनकर आपको भी नहीं होगा यकीन!

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लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) आज अयोध्या में धर्मसभा की तैयारियों में लगा हैं। वीएचपी का दावा है कि इस धर्म सभा में 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे।

इसी बीच शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का हैरान कर देने वाला बयान सामने आया है। धर्म संसद 1008 के आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने केदारघाट विद्यामठ में मौजूदा सरकार तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान दूसरी ओर भटकाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उठाया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में मस्जिद नहीं थी तो अध्यादेश किस बात का। अयोध्या में होने वाली धर्मसभा सिर्फ लोगों को दिखावे के लिए है।

धर्म संसद पर उन्होंने कहा कि 25 से 27 नवंबर तक वाराणसी के सीरगोवर्धन में परम धर्म संसद बुलाई गई है। इसमें धर्म पर चर्चा की जाएगी। इस संसद में कई विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

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नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

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