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दुरंतो एक्सप्रेस में दो युवकों के बैग से मिली इतने नोटों की गड्डियां, देखकर चकरा गई पुलिस

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नई दिल्ली। मुगलसराय जीआरपी ने शुक्रवार देर रात पीडीडीयू नगर (मुगलसराय) जंक्शन के नंबर छह पर अप दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन से दो युवकों से दो करोड़ रुपये की नगदी के साथ पकड़ा। दोनों युवक नगदी लेकर बांका से दिल्ली ले जा रहे थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जीआरपी ने रुपये और दोनों आरोपियों को आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। आयकर अधिकारी दोनों से पूछताछ कर रहे हैं। वहीं आरोपी बरामद रकम को बिहार शरीफ में रेत का कारोबार करने वाली एक कंट्रक्शन कंपनी का बता रहे हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जीआरपी इंस्पेक्टर आर.पी. सिंह ने शनिवार को बताया कि जीआरपी और आरपीएफ की टीम शुक्रवार रात मुगलसराय जंक्शन रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान खबर मिली कि हावड़ा से दिल्ली जा रही दुरंतो की सेकेंड एसी कोच में काफी मात्रा में नगदी होने की सूचना मिली। इस पर रात दस बजे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची।

जीआरपी और आरपीएफ टीम को जांच के दौरान ट्रेन के ए-वन कोच के बर्थ नंबर पांच और छह पर दो बैग मिले। इनकी तलाशी ली गई तो उसमें पांच सौ और दो हजार रुपये की गड्डियां दिखीं। इस पर टीम ने सीट पर बैठे दोनों युवकों को नीचे उतार लिया। पूछताछ में दोनों ने नाम विक्रम सिंह निवासी गंगानगर (राजस्थान) और बलबीर सिंह, निवासी गोरखपुर बताया।

दोनों ने बताया कि बैग में दो करोड़ के नोट हैं। वह लोग बालू और मोरंग खनन वाली कंपनी महादेव इन्क्लेव इंटरप्राइजेज के कर्मचारी हैं और कंपनी के जीएम के निर्देश पर कैश लेकर दिल्ली किसी बैंक में जमा करने जा रहे थे।

इंस्पेक्टर सिंह ने बताया कि लेकिन युवकों के पास कोई रकम से संबंधित कोई कागजात नहीं मिले हैं और न ही युवक नगदी के बारे में सही जानकारी दे पाए। इसके बाद इसके बारे में आयकर विभाग को सूचना दे दी गई।

जीआरपी की सूचना पर आयकर विभाग के आईटी इन्वेस्टिगेशन हिमांशु कुमार और आयकर निरीक्षक बृजेश कुमार जीआरपी थाने पहुंचे और कैश कब्जे में लेकर दोनों युवकों को पकड़ लिया। आयकर विभाग की टीम ने बताया कि जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आयकर विभाग की टीम जांच पड़ताल में जुटी है।

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विक्रम से संपर्क की उम्मीदें खत्म, इसरो ने देशवासियों के लिए कही ये बात

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नई दिल्ली। चंद्रमा पर रात होने के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विक्रम लैंडर से संपर्क करने उम्मीद खत्म हो चुकी है। मंगलवार को इसरो ने देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा।

यह इसरो का दूसरा चंद्र मिशन था जो कि आंशिक रूप से सफल हो सका। इस मिशन को आंशिक रूप से सफल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चांद की सतह से मजह 2.1 किमी की ऊंचाई से इसका संपर्क इसरो केंद्र से टूट गया था।

संपर्क टूटने के बाजजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया।

इसरो ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’

इस मिशन को लेकर अच्छी खबर यह है कि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है। इसरो के मुताबिक ऑर्बिटर 7 साल तक चांद का चक्कर इसी तरह काटने में सक्षम है।

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