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प्रादेशिक

कानपुर के मशहूर हैलट अस्पताल में आईसीयू का एसी फेल, 5 मरीजों की मौत

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के मशहूर हैलट अस्पताल में गुरुवार देर रात इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) का एसी सिस्टम फेल होने से पांच मरीजों की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन इस बात से इनकार कर रहा है कि एसी फेल होने से मरीजों की मौत हुई है। पर प्रशासन ने मामले संज्ञान में आने पर तत्काल दो एसी की व्यवस्था कराई। अस्पताल के मुताबिक, यह मौतें पिछले 24 घंटों के दौरान हुई हैं।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एसी में पिछले कई दिनों से खराबी देखने को मिल रही थी। जिसके बाद उसे ठीक कर दिया जाता था लेकिन गुरुवार सुबह आईसीयू के सारे एसी बंद हो गए। ओवर हीटिंग के कारण सभी उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। समय से मेन्टेनेंस नहीं होने के कारण एसी में खराबी आई।

आईसीयू प्रभारी डॉ. सौरभ अग्रवाल का कहना है कि बीते 24 घंटे में पांच मरीजों की मौत हुई है, मगर एसी फेल होने से नहीं। तीन मरीजों की मौत हार्ट अटैक से हुई जबकि दो मरीज काफी गंभीर थे। उन्हें देर रात न्यूरोसर्जरी आईसीयू में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही थी।

इस बीच अपर जिलाधिकारी सतीश पाल का कहना है कि जैसे ही ये मामला डीएम के संज्ञान में आए, उन्होंने तत्काल दो एसी की व्यवस्था कराई। इस संबंध में चिकित्सकों से बात भी की गई। प्रथम दृष्टया कोई और वजह सामने नहीं आई है। (इनपुट आईएएनएस)

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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