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युवाओं को दीवाना बनाएंगी 100 बाल क्रिकेट पर सौरभ गांगुली ने क्यों कहा, सावधान

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युवा क्रिकेट की तरफ आकर्षित नहीं है इसलिए 100 बॉल क्रिकेट बेहद जरूरी हो गया है। ऐसा मानना है इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के चैयरमेन कोलिन ग्रेवस का। वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि ईसीबी से प्रस्तावित 100-बाल क्रिकेट टूर्नामेंट से सावधान रहने की जरूरत है।

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के चैयरमेन कोलिन ग्रेवस

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के चैयरमेन कोलिन ग्रेवस का मानना है कि युवा क्रिकेट के प्रति आकर्षित नहीं है इसलिए 100 बाल क्रिकेट का विचार लाया गया है।

बीबीसी ने कोलिन ग्रेवस के हवाले से लिखा है, “आप माने या न माने, लेकिन हमने जो सर्वे किए हैं और जो शोध की है उससे पता चला है कि युवा सिर्फ क्रिकेट के प्रति आकर्षक नहीं हैं।” उन्होंने कहा, “वो और ज्यादा मनोरंजन चाहते हैं। वो इसे और छोटा साथ ही और सरल रूप में देखना चाहते हैं। यह चीजें हमने इस नई प्रतिस्पर्धा से सीखी हैं और हम यही करना चाहते हैं।”

इस प्रस्तावित टूर्नामेंट में 15 ओवर छह गेंदों के ही होंगे लेकिन अंतिम ओवर 10 गेंदों का होगा।

ग्रेवस के मुताबिक, “हमने इसे बनाएंगे और खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे क्योंकि हम उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहते हैं। खिलाड़ियों के नजरिए से यह उनके वेतन में आठ मिलियन की बढ़ोत्तरी होगी।”

वहीं टेलीग्राफ को दिए गए इंटरव्यू में ग्रेवस ने कहा है कि उन्हें अगर इस प्रारुप को लागू करना है तो उन्हें इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध होना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई सोचता है कि इसे आयोजित करना हंसी मजाक है तो मैं उससे पूरी तरह से असहमत हूं।”

अप्रैल में 100-बाल क्रिकेट का प्रस्ताव आया था जिसका मकसद युवा दर्शकों को आकर्षित करना है। हालांकि इंग्लैंड के ही कुछ खिलाड़ी इस प्रारुप के खिलाफ हैं। ईसीबी के निदेशक एंड्रयू स्ट्रास ने कहा था कि यह प्रस्ताव वह 2020 में लागू करेंगे जिसका मकसद बच्चों और मांओं को ग्रीष्मकाल की छुट्टियों में खेल से जोड़ना होगा।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा, “यह हकीकत में 16.3 ओवर का खेल है। 50 ओवर से क्रिकेट 20 ओवर तक आया और अब लगभग साढ़े 16 ओवर तक। देखते हैं कि क्या होता है। मुझे लगता है कि उनके दिमाग में ओवरों की वजह 100 की संख्या है। हमें देखना होगा कि क्रिकेट और कितना छोटा होता है।”

एक मौके पर सौरव गांगुली ने कहा, “आपको इसे लेकर सावधान रहना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए की दर्शक आएं, पलक झपके और मैच खत्म। दर्शक खेल का लुत्फ लेना चाहते हैं जिसे एक निश्चित समय तक ले जाने का दबाव रहे और जिसमें उन्हें सही प्रतिभा और सही विजेता दिखे।”

गांगुली का मानना है कि खेल का प्रारुप जितना छोटा होता जाएगा, सर्वश्रेष्ठ और आम प्रतिभा के बीच अंतर कम होता जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रारुप जितना छोटा होता जाएगा, अच्छे और आम खिलाड़ी के बीच का अंतर उतना कम होता जाएगा।”

गांगुली ने कहा कि असल क्रिकेट तो टेस्ट मैच ही है क्योंकि आपको एक ही ऊर्जा से दिन के आखिरी सत्र तक गेंद फेंकनी होती है। उन्होंने कहा, “इसलिए टेस्ट क्रिकेट अभी तक सबसे बड़ी चुनौती है। यहां आपको सुबह आकर गेंदबाजी करनी है फिर दिन में भी और फिर चायकाल के बाद भी और अंत तक आपको 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करनी होती है।”

भारत के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले गांगुली ने कहा, “इसके लिए एकाग्रता की जरूरत होती है, तकनीक की जरूरत होती है। टी-20 बना रहेगा क्योंकि इसके वित्तिय कारण हैं और इसमें मजा भी आता है लेकिन असल मजा लंबे प्रारुप में है।” इनपुट आईएएनएस

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सौरव गांगुली बने नए बीसीसीआई अध्यक्ष, 9 महीने रहेगा कार्यकाल

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नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष रूप में पदभार ग्रहण कर लिया।

बीसीसीआई ने अपने ट्विटर हैंडल से खुद इस बात की जानकारी दी। बीसीसीआई ने ट्वीट किया, “गांगुली को आधिकारिक रूप से बीसीसीआई का अध्यक्ष चुन लिया गया है।”

आपको बता दें कि बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए गांगुली के अलावा और किसी ने भी आवेदन नहीं किया था। पद के उम्मीदारों की सूची पिछले सप्ताह बनाई गई थी।

गांगुली के अलावा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को सचिव नियुक्त किया गया। केरल के जयेश जॉर्ज नए संयुक्त सचिव और उत्तराखंड के महीम वर्मा नए उपाध्यक्ष चुने गए। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल कोषाध्यक्ष बने हैं।

बीसीसीआई की नई टीम की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनी गई प्रशासकों की समिति (सीओए) के 33 महीने के कार्यकाल का भी समापन हो गया।

47 वर्षीय गांगुली का कार्यकाल हालांकि, एक साल से भी कम समय के लिए ही होगा क्योंकि नए नियमों के मुताबिक, अगले साल जुलाई के बाद वह ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ में चले जाएंगे। वह बीते पांच साल से बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष के पद पर काम कर रहे हैं।

बीसीसीआई के नए नियमों के अनुसार, एक प्रशासक लगातार केवल छह साल तक ही अपनी सेवाएं दे सकता है। ऐसे मे गांगुली एक साल से थोड़ा कम समय के लिए बीसीसीआई बॉस होंगे।

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