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नेशनल

मोबाइल को आधार से जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल

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हर किसी के लिए अपने मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया था, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम के आदेश को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है।

कोर्ट ने आधार के पक्ष में बहस कर रहे यूआइडीएआइ के वकील राकेश द्विवेदी से कहा कि लोकनीति फाउंडेशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ ये कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए मोबाइल प्रयोगकर्ताओं का सत्यापन होना जरूरी है। उस आदेश में मोबाइल को आधार से जोड़ने की बात नहीं कही गई थी लेकिन आपने उसे आधार बनाकर मोबाइल को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया।

हालांकि द्विवेदी ने मोबाइल सिम को आधार से जोड़ने को सही बताते हुए कहा कि ऐसा राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए कानून के तहत किया गया है। ये नियम टेलीग्राफ एक्ट की धारा चार के मुताबिक लागू हुआ है।

आधार को यूपीए-एनडीए दोनों का समर्थन द्विवेदी ने आधार की तरफदारी करते हुए कहा कि ये योजना यूपीए और एनडीए दोनों सरकारों के समर्थन की है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल जिन्होंने एक पक्षकार की ओर से पेश होकर आधार की कोर्ट में खिलाफत की है वे स्वयं आधार का परीक्षण करने वाली मंत्री समूह के सदस्य थे। द्विवेदी ने सिब्बल पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता आधार पर विचार करने वाले मंत्री समूह के सदस्य थे और अब वे कोर्ट में खड़े होकर कह रहे हैं कि आधार में एकत्र किया जा रहा डेटा का निजी कंपनियां दुरुपयोग कर सकती हैं। द्विवेदी ने कहा कि वे इस बारे मे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। द्विवेदी के बाद तुषार मेहता ने पक्ष रखा। फिलहाल सेंटर फार सिविल सोसाइटी की ओर से बहस शुरू की गई है जो गुरुवार को भी जारी रहेगी।

नेशनल

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में युवाओं के विकास के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं: पीएम मोदी

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कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मालदा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मेरा बंगाल से ऐसा नाता है जैसे मानो मैं पिछले जन्म में बंगाल में पैदा हुआ था या फिर शायद अगले जन्म में बंगाल में पैदा होना है। इसके साथ ही मोदी ने प्रदेश की सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पर खूब हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के कारण लगभग 26 हजार परिवारों की शांति और खुशी खत्म हो गई है। पीएम मोदी ने यह बयान कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के हालिया आदेश के संदर्भ में दिया। जिसमें सरकारी स्कूलों में 25 हजार 753 टीचिंग (शिक्षण) और गैर-शिक्षण नौकरियों को रद्द कर दिया गया था।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “नौकरियों और आजीविका के इस नुकसान के लिए केवल तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार है। राज्य सरकार ने राज्य में युवाओं के विकास के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। जिन लोगों ने पैसे उधार लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को दिए उनकी हालत तो और भी खराब है।” पीएम मोदी ने राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर विभिन्न केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत दिए गए केंद्रीय फंड के उपयोग के संबंध में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का भी आरोप लगाया। पीएम ने कहा, केंद्र सरकार ने राज्य के 80 लाख किसानों के लिए 8 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। लेकिन राज्य सरकार बाधा उत्पन्न कर रही है, इसलिए किसानों को राशि नहीं मिल पा रही है। राज्य सरकार सभी केंद्रीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन को खराब करने की कोशिश कर रही है। वे राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं होने दे रहे। हमारे पास मालदा जिले के आम किसानों के लिए योजनाएं हैं। लेकिन मुझे चिंता है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता वहां भी कमीशन की मांग करेंगे। पीएम मोदी ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास करने का भी आरोप राज्य सरकार पर लगाया।

उन्होंने कहा कि संदेशखाली में महिलाओं को प्रताड़ित किया गया। मालदा में भी ऐसी ही घटनाओं की खबरें आई थीं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने हमेशा आरोपियों को बचाने का प्रयास किया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच तुष्टिकरण की राजनीति की प्रतिस्पर्धा चल रही है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस आम लोगों से पैसा जब्त करने और इसे केवल उन लोगों के बीच वितरित करने की योजना बना रही है जो उनके समर्पित वोट बैंक का हिस्सा हैं। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गुप्त समझौता है।

 

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