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अन्तर्राष्ट्रीय

मॉरितानिया के साथ संबंध मजबूत करेगा चीन

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बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को बीजिंग में अफ्रीकी देश मॉरितानिया के राष्ट्रपति मोहम्मद ओल्द अब्देल अजीज से मुलाकात की। उन्होंने चीन-अरब सहयोग फोरम के जरिये मॉरितानिया के साथ संबंध सुधारने की प्रतिबद्धता जताई।

द्वितीय चीन-अरब देशों की प्रदर्शनी के सिलसिले में अजीज चीन पहुंचे हुए थे। इस एक्सपो का आयोजन चीन और अरब देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निंगशिया हुई स्वायत्त क्षेत्र के यिचुआन में किया गया है। जिनपिंग ने चीन के हितों और चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर सहयोग के लिए मॉरितानिया को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि चीन, मॉरितानिया के करीबी संपर्क में बना रहेगा और संस्कृति, मीडिया, शिक्षा एवं युवा मामलों को लेकर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने मॉरितानिया के साथ बुनियादी ढांचागत निर्माण, खनन, मत्स्य पालन, कृषि, पनबिजली और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। जिनपिंग ने कहा कि चीन, मॉरितानिया के साथ विशेष आर्थिक क्षेत्रों और औद्योगिक पार्को के विकास में अपने अनुभव बांटेगा और मॉरितानिया में अपने चिकित्सकीय दलों को भेजना तथा चिकित्सा आपूर्ति जारी रखेगा।

अजीज ने कहा कि मॉरितानिया, चीन के साथ परंपरागत मित्रता के महत्व को समझता है और वह चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ परियोजना में सक्रिय रूप से जुड़ेगा। उन्होंने मॉरितानिया में चीनी उद्यमों के निवेश का स्वागत किया।

अन्तर्राष्ट्रीय

भारत में अवसरों की भरमार, पीएम मोदी के नेतृत्व में 10 सालों में देश ने अच्छी प्रगति की : वॉरेन बफे

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नई दिल्ली। बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ वॉरेन बफे भारत की निवेश की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने रविवार को कंपनी की सालाना बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत में अवसरों की भरमार हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने सभी आर्थिक मानदंडों में अच्छी प्रगति की है। अब लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर (अनुमान वित्त वर्ष 2023-24) की जीडीपी के साथ भारत आर्थिक रूप से पांचवां सबसे बड़ा देश है। एक दशक पहले देश 1.9 ट्रिलियन डॉलर (मौजूदा बाजार मूल्य) की जीडीपी के साथ भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस 10 साल की यात्रा में कई रिफॉर्म हुए जिसने देश को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाया है।

रविवार को अपनी कंपनी की वार्षिक बैठक में वॉरेन बफेट ने कहा, भारत में नई संभावनाओं का पता लगाएं। यहां ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जिनको सर्च नहीं किया गया है या यहां मौजूद अवसरों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि भारत में बहुत सारे अवसर हैं। सवाल यह है कि क्या हमें उनके बारे में जानकारी है, जिसमें हम भाग लेना चाहेंगे। बफेट देश में संभावित प्रवेश की तलाश में हैं। भारत की जीडीपी ग्रोथ एक नए शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार है। विनिर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों ने फिर से सुधार देखना शुरू कर दिया है और जीएसटी कलेक्शन नई ऊंचाई हासिल कर रहा है।

आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ महामारी से पहले 2020 के दौरान दर्ज की गई 7 प्रतिशत से ऊपर बढ़ने के संकेत हैं। आईएमएफ के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 2004 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 635 डॉलर थी। 2024 में देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 2,850 डॉलर हो गई है, जो इसके समकक्ष देशों के लिए 6,770 डॉलर का 42 प्रतिशत है। इस महीने की शुरुआत में जारी एचएसबीसी सर्वे के अनुसार, मजबूत मांग के कारण भारत का विनिर्माण सेक्टर अप्रैल में मजबूत गति से बढ़ा। इसके अलावा विश्व चुनौतियों के बावजूद, एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न के साथ देश ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बना हुआ है।

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