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ट्विटर ने 140 कैरेक्टर से आगे कदम क्यों बढ़ाया?

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नई दिल्ली | माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने डायरेक्ट मैसेजिंग सेवा पर 140 कैरेक्टर की सीमा हटा ली है और जुलाई से इसके उपयोगकर्ता 10 हजार कैरेक्टर तक वाले डायरेक्ट मैसेज भेज सकेंगे। इस बदलाव का आखिर क्या कारण हो सकता है?

ह्वाट्सएप और फेसबुक जैसे डायरेक्ट मैसेजिंग प्लेटफार्म की लोकप्रियता के कारण विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अपने उपयोगकर्ताओं को बनाए रखने के लिए और बाजार में प्रतियोगी बने रहने के लिए शायद ट्विटर ने ऐसा किया है। गार्टनर के मुख्य शोध विश्लेषक ऋषि तेजपाल ने कहा, “उन्हें उपयोगकर्ताओं से डायरेक्ट मैसेज पर से 140 कैरेक्टर की सीमा हटाने का आग्रह मिल रहा होगा।” तेजपाल ने कहा, “मेरे खयाल से ट्विटर अपने मौजूदा संसाधन पर ही अपना दायरा बढ़ा रहा हो।”

ट्विटर के एक डेवलपर ने लिखा है, “जुलाई में एक बदलाव जो हम करने जा रहे हैं, वह है डायरेक्ट मैसेज में से 140 कैरेक्टर की सीमा हटाना।” डिजिटल रिसर्च एंड टेक्न ोलॉजी सोल्यूशंस के सह-संस्थापक सचिन दून ने कहा, “इसका उपयोग कारोबारी भी कर सकेंगे। वे अपने उत्पादों के न्यूजलेटर डायरेक्ट मैसेज में डाल सकेंगे।” उन्होंने साथ ही कहा, “लोग अब अपने संदेश में व्यापकरण के नियमों का अधिक पालन कर

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केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, 70 लाख मोबाइल नंबर हुए सस्पेंड; जानें क्या है कारण 

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70 lakh mobile numbers suspended in INDIA

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए 70 लाख मोबाइल नंबर को सस्पेंड कर दिया है। यानी इन मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब आपके जेहन में ही यही सवाल आ रहा होगा कि आखिर सरकार की ओर से यह कदम क्यों उठाया गया है। दरअसल, यह कदम बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए उठाया गया है।

इस वजह से हुए मोबाइल नंबर सस्पेंड

सस्पेंड किए गए ये वे मोबाइल नंबर थे जो किसी तरह के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े थे। दरअसल, इस मामले को लेकर वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने मंगलवार को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के समय में डिजिटल पेमेंट को लेकर हो रही धोखाधड़ी को देखते हुए ऐसा किया गया है। बता दें, वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने यह जानकारी डिजिटल पेमेंट को लेकर धोखाधड़ी और इससे जुड़े मुद्दों पर बैठक के बाद दी है।

जनवरी में होगी अगली बैठक

जोशी ने कहा है कि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैंकों को भी निर्देश दिए गए हैं। बैंकों को उनकी प्रक्रियाओं और प्रणालियों को पहले से मजबूत बनाने को कहा गया है। उन्होंने बैठक को लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर आगे भी बैठकें होती रहेंगी। इसी के साथ मामले पर अगली बैठक अगले साल जनवरी में रखी गई है।

वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) धोखाधड़ी को लेकर कहा है कि राज्यों को इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है। इसी के साथ राज्य सरकारों को डेटा सुरक्षा को भी मजबूत बनाने पर गौर देना चाहिए।

फ्रॉड के मामले कैसे होंगे कम

विवेक जोशी ने कहा है कि डिजिटल धोखाधड़ी को लेकर जागरुकता बेहद जरूरी है। इस तरह की धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए जरूरी है कि समाज को इन मामलों से अवगत करवाया जाए और जागरुक किया जाए। मालूम हो कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी साइबर धोखाधड़ी को लेकर समाज को जागरुक करने की बात पर जोर दिया था।

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