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खेल-कूद

केकेआर फैंस के लिए बुरी खबर, बाकी बचे मैच नहीं खेलेगा ये स्टार खिलाड़ी

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 14वें सीजन के बाकी बचे मैच फिर शुरू होने से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के फैंस के लिए एक बुरी खबर आई है। टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी पैट कमिंस यूएई में होने वाले मैचों में नहीं खेलेंगे।

ये जानकारी सिडनी मॉर्निंग हेराल्‍ड ने दी है। बता दें कि पैट कमिंस को 2020 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 15.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। सिडनी मॉर्निंग हेराल्‍ड के मुताबिक, पैट कमिंस यूएई में होने वाले आईपीएल 2021 में उपलब्‍ध नहीं रहेंगे। कमिंस ने आईपीएल 2021 के दूसरे चरण में हिस्‍सा नहीं लेने का कोई कारण नहीं दिया है।

अखबार ने रिपोर्ट में कहा, ‘कमिंस कई लाख डॉलर के आईपीएल अनुबंध के बावजूद पहले ही कह चुके हैं कि वह इस सत्र में टी20 टूर्नामेंट के लिए नहीं लौटेंगे।’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने शनिवार को यूएई में सितंबर में आईपीएल की बहाली को मंजूरी दी जिसके 31 मैच बचे हैं। आयोजकों को इस महीने के शुरू में लीग को निलंबित करने के लिए बाध्य होना पड़ा, क्योंकि जैविक रूप से सुरक्षित माहौल के अंदर ही कोविड-19 संक्रमण के कई मामले सामने आए।

खेल-कूद

हॉकी में ओलंपिक पदक जीतकर बीमार पिता इलाज कराना चाहती हैं सोनीपत की निशा

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नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॅाकी टीम में चयनित होने वाली सोनीपत की निशा अपने दर्जी पिता का इलाज कराकर उन्हें नया घर देना चाहती है। बीमार पिता की हालत के चलते निशा को हॅाकी छोड़ना पड़ा था।

पिता को लकवा मारते ही निशा के घर की हालत खराब होना शुरू हो गई। तब निशा ने खेलना शुरू ही किया था। लेकिन केवल एक कमाऊ सदस्य होने के कारण निशा व उनकी दो बहनों को काम करना पड़ा।

निशा ने हॅाकी छोड़ दी पर उनकी कोच प्रीतम रानी सिवाच ने उनका साथ न छोड़ते हुए निशा को प्रेरित किया। यह कोच की प्रेरणा और निशा की मेहनत ही है कि वह टोक्यो ओलंपिक मे चयनित हो सकी। निशा बेबाकी से कहती हैं कि वह ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन कर अपने पिता का बेहतर इलाज और घर देना चाहती है।

पिता ने कहां, अब देश का नाम रोशन करो

निशा के पिता दर्जी हैं। उनके लकवाग्रस्त होने के बाद उनका काम-धंधा बंद हो गया। निशा कहती है, उनके मामा ने उनकी बहुत मद्द की और उनके साथ उनकी बहनों ने भी बहुत काम किया।

अब उनकी शादी हो चुकी है और निशा की भी रेलवे में नौकरी लग चुकी हैं। लेकिन माता-पिता अब भी सोनीपत में छोटे से मकान में रहते हैं। इसलिए निशा अपने पिता का इलाज कराकर उन्हें एक नया घर देना चाहती हैं।

निशा बताती है कि सबसे पहले अपने ओलंपिक में चयनित होने की खबर उन्होंने अपनी कोच प्रीतम को दी। उसके बाद अपने पिता सोहराब को। पिता के मुंह से यही निकला कि जिसके लिए तुमनें मेंहनत ही उसका फल तुम्हें मिल गया। अब देश का नाम रोशन करो।

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