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प्रादेशिक

पीएम मोदी के बाद नीतीश कुमार ने भी लगवाई कोरोना वैक्सीन

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पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कोरोना की वैक्सीन लगवा ली है। अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर उन्होंने टीके का पहला डोज लगवाया।

नीतीश ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGMS) शेखपुरा, पटना परिसर में यह टीका लगवाया। सीएम नीतीश के साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय चौधरी तथा ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने भी कोरोना वैक्सीन लगवाई।

सीएम नीतीश ने इस दौरान घोषणा करते हुए कहा कि सभी विधायकों और मंत्रियों को टीकाकरण आईजीआईएमएस में ही मिलेगा। 31 मार्च को टीके का दूसरा डोज मिलेगा।

बता दें कि अपने जन्मदिन के मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से किया चुनावी वादा पूरा किया है। नीतीश ने सोमवार को ऐलान किया कि बिहार की जनता को प्राइवेट अस्पतालों में भी मुफ्त वैक्सीन मिलेगी। रविवार को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद यह फैसला लिया गया।

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कोरोना से लड़ाई में धर्म और अध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा: राजनाथ सिंह

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लखनऊ। देश के रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कोरोना काल में डॉ. समीर त्रिपाठी के रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन के यू-ट्यूब चैनल मेधज एस्ट्रो पर आने पर उनको बधाई दी है। साथ ही उन्होंने इस प्रयास को कोरोना काल में आस्था जगाने वाला और सकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना की लड़ाई में धर्म और आध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा। संक्रमितों को सही करने में भी सस्वर रामायण का पाठ वरदान साबित हो सकता है।

राम नवमीं पर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को लांच किया गया। इस समारोह में वर्चुअल रूप से देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी जुड़े। उन्होंने डॉ. त्रिपाठी की ओर से किये गये प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि समाज के वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में उपयोगी साबित होगा यह प्रयास।

सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को समाज के लिये वर्तमान परिस्थितियों में काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान नकारात्कम सूचनाओं और खबरों से हटाकर सकारात्कता फैलाने के लिये यह प्रयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी ने, न सिर्फ शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी व्यक्ति और समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। व्यग्रता और भय, आज दोनों ही हमारे जीवन के हर क्षण में गहरे व्याप्त हैं। ऐसे मे स्वाभाविक है कि संकटग्रस्त समाज में हम धर्म की उपस्थिति और भूमिका को संज्ञान में लें और उसकी पड़ताल करें।

कोरोना काल में राहत देगा धर्म और आध्यात्म से जुड़े रहना-
द्वारकाशारदापीठाधीश्वर एवं ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज ने कहा कि कोरोना काल का संदेश सांस्कृतिक जड़ों, धर्म और आत्यात्म से जुड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को शास्त्रों, वेदों का पाठ पढ़ने का यह उपयुक्त समय है। इसका भरपूर उपयोग कर लोग स्वयं को महामारी के संकट से तो बचा ही सकते हैं साथ में अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का भी उनके लिये यह सुनहरा समय है।

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