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अन्तर्राष्ट्रीय

स्पेन से अलग होकर नया देश बना कैटेलोनिया, बार्सिलोना होगी राजधानी

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मैड्रिड। कैटेलोनिया लंबी लड़ाई के बाद स्पेन से अलग होकर आजाद मुल्क बन गया है। कैटेलोनिया की संसद में मतदान के बाद स्वतंत्रता की घोषणा की गई है।

कैटेलोनिया की संसद ने शनिवार को स्पेन से आजादी की घोषणा संबंधी प्रस्ताव पारित कर दिया, हालांकि स्पेन की सरकार ने कहा है कि वहां वैधानिकता बहाल की जाएगी और क्षेत्र के पृथकतावादी प्रयास पर अंकुश लगाया जाएगा। कैटालोनिया के प्रेसिडेंट चाल्र्स प्यूडिग्मोंट ने आजादी का ऐलान कर दिया है और कैटालोनिया की सडक़ों पर जश्न शुरू हो गया। संसद ने ‘कातालूनीय को गणराज्य के तौर पर एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने’ संबंधी प्रस्ताव पास किया।

वैसे कैटालोनिया को मान्यता मिलना मुश्किल है, क्योंकि इसे न तो स्पेन की सरकार स्वीकार करेगी और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय। यूरोपियन यूनियन (ईयू) और अमेरिका ने भी स्पेन द्वारा केंद्रीय शासन लगाने का समर्थन किया है।

75 लाख की आबादी वाले कैटालोनिया की राजधानी बार्सिलोना है। इससे पहले स्पेन की सरकार ने कैटालोनिया के अलगाववादी नेता को आगाह किया था कि कानूनी व्यवस्था में लौटने के लिए उनके पास तीन दिन का समय है। स्पेन की सरकार की ओर से तय शुरुआती समय सीमा को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैटेलोनिया के राष्ट्रपति चाल्र्स प्यूडिग्मोंट ने स्पैनिश प्रधानमंत्री मारियानो राजोय के साथ बातचीत का आह्वान किया था।

अन्तर्राष्ट्रीय

भारत में अवसरों की भरमार, पीएम मोदी के नेतृत्व में 10 सालों में देश ने अच्छी प्रगति की : वॉरेन बफे

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नई दिल्ली। बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ वॉरेन बफे भारत की निवेश की संभावनाओं को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने रविवार को कंपनी की सालाना बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत में अवसरों की भरमार हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। बीते दस सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ने सभी आर्थिक मानदंडों में अच्छी प्रगति की है। अब लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर (अनुमान वित्त वर्ष 2023-24) की जीडीपी के साथ भारत आर्थिक रूप से पांचवां सबसे बड़ा देश है। एक दशक पहले देश 1.9 ट्रिलियन डॉलर (मौजूदा बाजार मूल्य) की जीडीपी के साथ भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस 10 साल की यात्रा में कई रिफॉर्म हुए जिसने देश को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाया है।

रविवार को अपनी कंपनी की वार्षिक बैठक में वॉरेन बफेट ने कहा, भारत में नई संभावनाओं का पता लगाएं। यहां ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जिनको सर्च नहीं किया गया है या यहां मौजूद अवसरों पर ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि भारत में बहुत सारे अवसर हैं। सवाल यह है कि क्या हमें उनके बारे में जानकारी है, जिसमें हम भाग लेना चाहेंगे। बफेट देश में संभावित प्रवेश की तलाश में हैं। भारत की जीडीपी ग्रोथ एक नए शिखर पर पहुंचने के लिए तैयार है। विनिर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों ने फिर से सुधार देखना शुरू कर दिया है और जीएसटी कलेक्शन नई ऊंचाई हासिल कर रहा है।

आरबीआई के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत की जीडीपी ग्रोथ महामारी से पहले 2020 के दौरान दर्ज की गई 7 प्रतिशत से ऊपर बढ़ने के संकेत हैं। आईएमएफ के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 2004 में भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी 635 डॉलर थी। 2024 में देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 2,850 डॉलर हो गई है, जो इसके समकक्ष देशों के लिए 6,770 डॉलर का 42 प्रतिशत है। इस महीने की शुरुआत में जारी एचएसबीसी सर्वे के अनुसार, मजबूत मांग के कारण भारत का विनिर्माण सेक्टर अप्रैल में मजबूत गति से बढ़ा। इसके अलावा विश्व चुनौतियों के बावजूद, एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न के साथ देश ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बना हुआ है।

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