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गेंदबाजों के बाद राहुल का कमाल, पुणे ने केकेआर को पटखनी दी

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कोलकाता। गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के बाद मैन ऑफ द मैच राहुल त्रिपाठी (93) की तेज तर्रार पारी के दम पर राइजिंग पुणे सुपरजाएंट ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 10वें संस्करण के 41वें मैच में बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स को चार विकेट से हरा दिया।

कोलकाता ने अपने घर ईडन गार्डंस स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए पुणे के सामने 156 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे पुणे ने चार गेंद शेष रहते हुए छह विकेट खोकर हासिल कर लिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पुणे के विकेट एक छोर से लगातार गिरते रहे लेकिन, राहुल ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने अपनी पारी में कभी भी आक्रामक तेवर नहीं छोड़े। राहुल ने 52 गेंदों का सामना किया और सात शानदार छक्के तथा नौ चौके लगाए। उन्होंने 78 रन सिर्फ बाउंड्री से बटोरे

दूसरे ओवर में उमेश यादव ने अंजिक्य रहाणे (11) को पवेलियन भेज दिया, लेकिन राहुल ने दूसरे छोर से तेजी से रन बनाने चालू रखे। उन्होंने कप्तान स्टीवन स्मिथ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 48 रन जुटाए जिसमें सिर्फ नौ रन स्मिथ के थे।

स्मिथ को क्रिस वोक्स ने 59 के कुल स्कोर पर बोल्ड किया। राहुल की लय में कोई बदलाव नहीं आया। उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा। मनोज तिवारी भी आठ रन बनाकर लौट लिए। पिछले मैच के हीरो बेन स्टोक्स (14) को सुनील नरेन ने अपना शिकार बनाया। महेंद्र सिंह धौनी कुछ खास नहीं कर पाए और पांच रन बनाकर कुलदीप यादव की गेंद पर विकेट के पीछे शेल्डन जैक्सन के हाथों लपके गए।

राहुल इसी बीच पुणे को जीत के और करीब ले गए। टीम को जब जीत के लिए छह रनों की दरकार थी तभी राहुल को वोक्स ने पवेलियन भेज दिया। वह 19वें ओवर में 150 के कुल स्कोर पर आउट हुए।

डेनियर क्रिस्टियन ने आखिरी ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का मार पुणे की जीत की औपचारिकता को पूरा किया।

कोलाकाता के लिए वोक्स ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए। नरेन, कुलदीप और उमेश को एक-एक सफलता मिली।

इससे पहले पुणे ने कोलकाता के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को 20 ओवरों में आठ विकेट पर 155 रनों से आगे नहीं जाने दिया।

पुणे के गेंदबाजों ने कोलकाता के बल्लेबाजों को शुरू से ही रोके रखा। पहले ओवर की आखिरी गेंद तक टीम का खाता भी नहीं खुला था कि नरेन, जयदेव उनादकट की गेंद पर उन्हें ही कैच दे बैठे।

अपने जोड़ीदार रॉबिन उथप्पा की गैरमौजूदगी में कप्तान गौतम गंभीर पर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। वह 19 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 24 रन बनाने के बाद वॉशिंगटन सुंदर का शिकार बने। गंभीर का विकेट 40 रनों के कुल योग पर गिरा।

गंभीर से पहले जैक्सन (10) सुंदर की गेंद पर ही हिट विकेट होकर पवेलियन लौट चुके थे। युसूफ पठान चार रनों का ही योगदान दे सके। मनीष पांडे (37) और कोलिन डी ग्रांडहोमे (36) ने यहां से छठे विकेट के लिए पांच ओवरों में 48 रन जोड़े। 103 के कुल स्कोर पर पांडे को क्रिस्टियन ने रहाणे के हाथों कैच कराया।

कोलिन भी कुछ देर बाद उनादकट की गेंद पर सुंदर के हाथों लपके गए। उन्होंने 19 गेंदों में तीन चौके और दो छक्कों की मदद से तेज तर्रार पारी खेली। क्रीज पर इस समय सूर्यकुमार यादव और वोक्स (1) थे। वोक्स कुछ कर पाते इससे पहले ही रन आउट हो गए।

सूर्यकुमार ने 19वें ओवर में उनादकट पर दो लगातार चौके और एक छक्का जड़ा। इसी ओवर में नाथन कल्टर नाइल (6) ने भी एक छक्का मारा। नाइल आखिरी ओवर में स्टोक्स का शिकार बने। स्टोक्स ने आखिरी ओवर में सिर्फ चार रन दिए। सूर्यकुमार 16 गेंदों में दो चौके और इतने ही छक्के लगाकर 30 रनों के साथ नाबाद लौटे। उनके साथ उमेश भी दो रनों पर नाबाद रहे।

पुणे की तरफ से उनादतकट और सुंदर ने दो-दो विकेट लिए। स्टोक्स, इमरान ताहिर, क्रिस्टियन को एक-एक सफलता मिली।

नेशनल

जानिए कौन हैं वो चार लोग, जिन्हें पीएम मोदी ने नामांकन के लिए अपना प्रस्तावक चुना

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के काल भैरव मंदिर में दर्शन करने के बाद अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पीएम मोदी ने वाराणसी से तीसरी बार अपना नामांकन दाखिल किया है। पीएम मोदी के नामांकन में गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत 20 केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा 12 राज्यों के सीएम भी शामिल हुए। पीएम मोदी के नामांकन के दौरान उनके साथ चार प्रस्तावक भी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे।

इनमें एक पुजारी, दो ओबीसी और एक दलित समुदाय के व्यक्ति का नाम है। दरअसल पीएम मोदी के नामांकन के दौरान चार प्रस्तावक मौजूद रहे। इनमें पहला नाम आचार्य गणेश्वर शास्त्री का है, जो कि पुजारी हैं। इसके बाद बैजनाथ पटेल पीएम मोदी के नामांकन के दौरान प्रस्तावक बने, जो ओबीसी समुदाय से आते हैं। वहीं लालचंद कुशवाहा भी पीएम के नामांकन में प्रस्तावक के तौर पर शामिल हुए। ये भी ओबीसी समाज से आते हैं। पीएम मोदी के प्रस्तावकों में आखिरी नाम संजय सोनकर का भी है, जो कि दलित समुदाय से हैं।

चुनाव में प्रस्तावक की भूमिका अहम होती है। ये ही वे लोग होते हैं, जो किसी उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव रखते हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, प्रस्तावक वे स्‍थानीय लोग होते हैं, जो किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए अपनी ओर से प्रस्तावित करते हैं। आमतौर पर नामांकन के लिए किसी महत्वपूर्ण दल के वीआईपी कैंडिडेट के लिए पांच और आम उम्मीदवार के लिए दस प्रस्तावकों की जरूरत होती है।

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