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अन्तर्राष्ट्रीय

सीरिया का रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार

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रासायनिक हथियार,ओपीसीडब्ल्यू, सीरिया, रॉकेट हमलों में 1400 लोगों की मौत, सीरिया सरकार, रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया

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दमिश्क, सीरिया देश में जारी संघर्ष के दौरान रासायिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है। 

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में हिंसा के मौजूदा दौर के बीच रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में संयुक्त राष्ट्र और रासायनिक हथियार निषेध संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) की उस रिपोर्ट को खारिज किया गया है, जिसमें सीरिया के सुरक्षा बलों पर मार्च 2015 में इदलिब प्रांत में विद्रोहियों के खिलाफ गैस हमले के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।

बयान के मुताबिक, “सीरिया सरकार रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए रायासनिक हथियारों के संबंध में हुई संधि से संबंधित बातों को मानने की प्रतिबद्धता पर जोर देती है।”

माना जाता है कि सीरिया के कई भागों में रायासनिक हथियार का पिछले कई वर्षो से इस्तेमाल हो रहा है। सरकार और विद्रोही एक-दूसरे पर इसका आरोप लगाते रहे हैं।

गौरतलब है कि 21 अगस्त, 2013 को दमिश्क के आसपास विपक्ष के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में रॉकेट हमलों में 1,400 लोगों की मौत हो गई थी। इन रॉकेटों में सरीन नामक रसायन था।

अक्टूबर 2013 में ओपीसीडब्ल्यू अधिकारी सीरिया के रासायनिक हथियारों के खात्मे की जांच के लिए दमिश्क पहुंचे थे, जिसके बाद सीरिया आधिकारिक दौर पर रासायनिक हथियार निषेध संधि में शामिल हुआ था।

इसके बाद ओपीसीडब्ल्यू ने कहा था कि सीरिया की सरकार ने अपनी रासायनिक हथियार उत्पादन इकाइयां निष्क्रिय कर दी हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय

कुवैत में संसद भंग, सभी कानून और संविधान के कुछ अनुच्छेद निलंबित

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नई दिल्ली। कुवैत के अमीर शेख मिशाल ने संसद को भंग कर दिया है। अमीर ने शुक्रवार को सरकारी टीवी पर एक संबोधन में इसकी घोषणा की। इसके अलावा अमीर ने देश के सभी कानूनों के साथ संविधान के कुछ अनुच्छेदों को चार साल तक के लिए निलंबित कर दिया है। इस दौरान देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। सरकारी टीवी के मुताबिक, इस दौरान नेशनल असेंबली की सभी शक्तियां अमीर और देश की कैबिनेट के पास होंगी।

एमीर ने सरकारी टीवी पर दिए अपने संबोधन में संसद भंग करने की घोषणा करते हुए कहा, “कुवैत हाल ही में बुरे वक्त से गुजर रहा है, जिसकी वजह से किंगडम को बचाने और देश के हितों को सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले लेने में झिझक या देरी करने के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में देश के कई डिपार्टमेंट्स में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। भ्रष्टाचार की वजह से देश का महौल खराब हो रहा है। अफसोस की बात ये है कि भ्रष्टाचार सुरक्षा और आर्थिक संस्थानों तक फैल गया है। साथ ही अमीर ने न्याय प्रणाली में भ्रष्टाचार होने की बात कही है।

कुवैत पिछले कुछ सालों से घरेलू राजनीतिक विवादों से घिरा रहा है। देश का वेल्फेयर सिस्टम इस संकट का एक प्रमुख मुद्दा रहा है और इसने सरकार को कर्ज लेने से रोका है। इसकी वजह से अपने तेल भंडार से भारी मुनाफे के बावजूद सरकारी खजाने में पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बहुत कम पैसे बचे हैं। कुवैत में भी दूसरे अरब देशों की तरह शेख वाली राजशाही सिस्टम है लेकिन यहां की विधायिका पड़ोसी देशों से ज्यादा पावरफुल मानी जाती है।

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