Connect with us

नेशनल

सियालदह एक्सप्रेस में बम की सूचना के बाद इटावा में तलाशी

Published

on

इटावा| सियालदाह से अजमेर जा रही अजमेर-सियालदाह सुपरफास्ट एक्सप्रेस में मंगलवार को बम और आतंकवादियों के होने की सूचना मिली, जिसके बाद देर रात 11.20 बजे ट्रेन को इटावा रेलवे स्टेशन पर अचानक रोककर लगभग एक घंटे तक तलाशी ली गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रेलवे प्रशासन को ट्रेन में बम और आंतकवादी होने की सूचना मिली थी। सियादह एक्सप्रेस के एक-एक डिब्बे में तलाशी अभियान चलाया गया। अंत में यह सूचना अफवाह निकली। तलाशी के दौरान लावारिस बोरी मिली, जिसमें कचरा था। इस अफवाह से यात्री बेहद डरे हुए नजर आए।

सियालदाह नियंत्रण कक्ष से आगरा अनुभाग जीआरपी नियंत्रण कक्ष में सूचना दी गई कि इस ट्रेन में पांच संदिग्ध आतंकवादी सवार हैं। इस सूचना पर जीआरपी के अलावा स्थानीय पुलिस को तुरंत स्टेशन भेजा गया। पुलिस और पीएसी ने पूरा स्टेशन घेर कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सीओ (सिटी) शिवराज सिंह ने बताया कि इटावा जंक्शन पर अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस को रोकर कर तलाशी ली गई, जिसमें लावारिस सामान की सूचना मिली थी।  उन्होंने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बदल (आरपीएफ) और सिविल पुलिस ने जांच की, जिसमें एक लावारिस बोरी मिली। लेकिन इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं पाए जाने पर आरपीएफ ने इसे आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया।

नेशनल

उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

Published

on

नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending