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मिर्ज़ापुरः दबंगों ने बुजुर्ग को पीट-पीटकर मार डाला, बहू पर फेंका तेजाब

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामला मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार जमीनी विवाद में कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। वहीं, इससे पहले जब बुजुर्ग की बहू ने उसे बचाने की कोशिश की तो दबंग महिला पर तेजाब डाल दिया।

जिसकी वजह से वो महिला बुरी तरह झुलस गई। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक गांव के ही लालचन्द माझी और उनके पड़ोसी बड़कू दुबे के बीच जमीन को लेकर रंजिश चल रही है। उसी लेकर झगड़ा हुआ।

मृतक के परिजनों के अनुसार विवादित जमीन को कुछ वर्ष पहले लालचन्द माझी ने गांव के ठाकुर परिवार से अपने नाम लिखाया था। जिस पर उनके पड़ोसी बड़कू दुबे अपना दावा ठोक रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मारपीट के दौरान बुजुर्ग लालचन्द की पिटाई की गई। जिससे वो घायल हुए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई।

मृतक लालचन्द की बहू भगमानी जब अपने ससुर को बचाने पहुंची तो आरोप है कि दबंगो ने उसके ऊपर भी तेजाब फेंक दिया। इस हमले वह गंभीर रूप से झुलस गई। उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद बड़कू दूबे, अरुण कुमार दूबे, सुरेश कुमार और पवन कुमार दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

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निर्भया के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की क्यूरेटिव याचिका

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नई दिल्ली। निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल कर दी है। याचिका में पवन की तरफ से फांसी को उम्रकैद में बदलने की मांग की है।

इससे पहले इस केस में बाकि के तीन दोषियों की पिटीशन भी खारिज हो चुकी है। बता दें कि केवल पवन के पास ही कानून विकल्प बचे हैं बाकि सभी के पास दोषियों के पास फांसी से बचने के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं।

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस घटना में दोषियों ने पीड़िता के प्राइवेट में रॉड तक डाल दी थी। इस भयावह घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस घटना की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी। वहीं निर्भया के एक दोषी राम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी।

 

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